कलागुरू डॉ. सुमहेन्द्र के 80वें जन्मदिवस पर चतुर्थ राष्ट्रीय लघु चित्रण कार्यशाला का शुभारंभ

कलावृत्त के संस्थापक, वरिष्ठ चित्रकार एवं शिक्षक कलागुरु डॉ. सुमहेन्द्र के 80वें जन्मदिवस पर राष्ट्रीय समसामयिक लघु चित्रण ऑनलाइन कार्यशाला का आज से शुभारंभ।
जयपुर, 2 नवम्बर | राज्य की प्रतिष्ठित कला संस्था कलावृत्त द्वारा राजस्थान ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में अकादमी परिसर में शुभरंभ हुआ। इस अवसर पर अकादमी के चेयरमैन श्री लक्ष्मण व्यास, सचिव रजनीश हर्ष, प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा, प्रतिभागी चयन समिति के कमलेश व्यास, किशोर सिंह एवं राजकुमार चौहान, दिगंत शर्मा एवं कला विद्यार्थी और कई गणमान्य उपस्थित रहे।
कलावृत्त के अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि संस्था का उद्देश्य परंपरागत शैलियों एवं युवा पीढ़ी को पारम्परिक लघु चित्रण के प्रति पुनः आकर्षित कर उन्हें वर्तमान परिवेश में, उन शैलियों को विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे अगली पीढ़ी को भी पारंपरिक कलाओं की तकनीक एवं इनमें उपयोग होने वाले प्राकृतिक रंगों आदि की पूर्ण जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में प्रतिभागी चित्रकार अपने स्वयं के स्टूडियो में 2 से 12 नवंबर तक 10 दिनों में पारंपरिक शैली की तकनीक में अपने-अपने सृजन को गति देते हुए समकालीन परिस्थितियों / घटनाओं का चित्रण करेंगे। कलावृत्त द्वारा इन शैलियों के संरक्षण के लिए पिछले चार वर्षो से निरंतर इस कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में संदीप सुमहेन्द्र ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, प्रतिभागी चित्रकारों को अपना उत्कृष्ट चित्र बनाने के लिए प्रेरित करते हुए शुभकामनाएं दी।
संस्था के प्रवक्ता दिगंत शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में निर्मित पांच सर्वश्रेष्ठ चित्रों का चयन कर उन्हें राजस्थान के वरिष्ठ एवं विख्यात कलागुरूओं, पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय, पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत, कलारत्न पी. एन. चोयल, प्रो. देवकीनंदन शर्मा एवं कलागुरू वेदपाल शर्मा ‘बन्नुजी’ सम्मान एवं स्मृति चिन्ह तथा शेष सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
संदीप सुमहेन्द्र
अध्यक्ष, कलावृत्त
मो. 98294 37374

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