नई दिल्ली । 14वीं सदी में हुई कश्मीर की आदि कवियत्री ललेश्वरी पर केंद्रित संगीतमय नाटक “एक आवाज़ मोहब्बत की, ललेश्वरी ” का मंचन रूबरू द्वारा पहले त्रिवेणी थिएटर फेस्टिवल 24 में त्रिवेणी सभागार मंडी हाउस मे किया गया ।
लल्लेश्वरी या लल्ल-द्यद के नाम से जाने जानेवाली चौदवहीं सदी की एक भक्त कवियित्री थी, जो कश्मीर की शैव भक्ति परम्परा और कश्मीरी भाषा की एक अनमोल कड़ी थीं। ललद्यद की काव्य शैली को ‘वाख’ कहा जाता है। वाख कश्मीरी भाषा का एक छंद है, जिसमें चार पंक्तियों में कवि ने अपनी बात कही है। लल वाख के नाम से जानी जाने वाली, उनके छंद कश्मीरी भाषा में सबसे शुरुआती रचनाएँ हैं और आधुनिक कश्मीरी साहित्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं ।
इस नाटक का चयन साहित्य कला परिषद द्वारा वर्ष 2022 के 5 सर्वश्रेष्ठ नाटकों में हुआ और भारतेंदु नाट्य उत्सव 2023 में इसको साहित्य कला परिषद द्वारा मंचित करवाया गया । रूबरू थिएटर ग्रुप का यह नाटक संगीत नाटक अकादमी दिल्ली द्वारा भी आयोजित करवाया गया । रुबरू थिएटर ग्रुप द्वारा यह संगीतमय नृत्य नाटक लगातार मंचित किया जा रहा है और दर्शकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है ।
रुबरू थिएटर की फाउंडर काजल सूरी के लिखे और निर्देशन में पेश किए गए इस नाटक में मेकअप मुहम्मद राशिद ने किया और मंच पर जसकीरन चोपड़ा, शुभम शर्मा, अन्नु शर्मा, तनिषा गांधी, सचिन ठाकुर, रोज़ सैनी, आफताब हुसैन, अमरजीत अरोरा, दीपक सिंह, बिंदिया सभी ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया और नृत्य कलाकारो में गीता सेठी, मुस्कान, वर्षा पंथी, अवनीत कौर, सुजाता जैन, इला शर्मा, शिवानी कमल, आकाश, कृष बब्बर ,नीरज तिवारी थे।
संगीत संचालन स्पर्श रॉय, लाइट्स सुनील चौहान ने बखूबी संभाली । स्टेज मैनेजर गौतम जसवाल रुबरू थिएटर ग्रुप के प्रेसिडेंट समीर खान और इस प्रोडक्शन को प्रोडक्शन मैनेजर रोहित कुमार ने बखूबी संभाला ।