आपसी समन्वय से परियोजनाओं का कार्य जल्द करें पूर्ण- जिला कलक्टर
अजमेर, 10 जनवरी। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में शनिवार को जिले में रेलवे की प्रगतिरत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक का अयोजन किया गया। बैठक में महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के कार्य की प्रगति बढ़ाने, भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया तेज करने, अवार्ड जारी करने तथा विभिन्न लंबित प्रकरणों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश प्रदान किए गए।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि जिले में राष्ट्रीय स्तर की कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं प्रगतिरत है। इनके कार्य को गति देने की आवश्यकता है। इससे ये परियोजनाएं समय पर पूर्ण हो पाएगी। इसके लिए रेलवे तथा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश प्रदान किए गए। जिले में विभिन्न स्थानों पर निर्मित रेलवे अण्डर ब्रिज (रज्जू मार्ग) में रिसाव के कारण जल भराव की समस्या है। इसके समाधान के लिए रेलवे के तकनीकी अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा। इससे रेल पथ के दोनों ओर बसी आबादी को राहत मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि अजमेर से चन्देरिया रेल पथ के दोहरीकरण के कार्य में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। इसी प्रकार पुष्कर-मेड़ता (कात्यासनी) परियोजना को आगे बढ़ाने के संबंध में भी विचार विमर्श किया गया। विभिन्न स्थानों पर निर्माणाधीन रेल ऊपरीगामी सेतू (आरओबी) तथा रेलवे रज्जु मार्ग (आरयूबी) के कार्यों की गति बढ़ाना आवश्यक है। निर्माण कार्यों से जुड़े प्रभाग सौंपे गए कार्यों को समय पर पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाएं।
उन्होंने कहा कि रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अवाप्ति के अवार्ड तथा क्षतिपूर्ति का वितरण पात्र व्यक्ति को होना चाहिए। उपखण्ड नसीराबाद तथा भिनाय में यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार उपखण्ड अजमेर तथा पुष्कर को भूमि अवाप्ति कार्यवाही की गति बढ़ानी चाहिए। इसके लिए बैठक में आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। अवार्ड क्षतिपूर्ति वितरण के लिए संबंधित क्षेत्रों में शिविर लगाएं। अवार्ड की कार्यवाही पूर्ण होने ही अवाप्त भूमि की रेलवे को सुपुर्दगी की जाएगी। रेलवे समपार (क्रॉसिंग) तथा रज्जु पुल के अनापत्ति प्रमाण-पत्र भी समय पर जारी होने चाहिए।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी एवं श्री नरेन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक, उपखण्ड अधिकारी श्रीमती गरिमा नरूला, श्री गुरू प्रसाद तंवर, रेलवे के मुख्य इंजीनियर श्री नीरज कुमार सहित विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
डीटीएनटी (विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय) को पहचान देने की विभाग की पहल
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की समस्त नगर निकायों एवं पंचायत समिति में 12 से 31 जनवरी तक लगाए जाएंगे घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविर
अजमेर, 10 जनवरी। जिले के घुमन्तु समुदाय (विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु) के व्यक्तियों को केन्द्र एवं राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए जिले में 12 से 31 जनवरी तक ऑनलाइन घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविर लगाए जाएंगे।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सुशासन में राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि घुमन्तु समुदाय (विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु) के सभी व्यक्तियों को ऑनलाइन घुमन्तु पहचान प्रमाण पत्र जारी कर राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की समस्त पंचायत समिति एवं नगरपालिका या नगर परिषद या नगर निगम में 12 से 31 जनवरी तक विमुक्त, घुमन्तु एवं अद्र्धघुमन्तु सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिविरों में घुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों के मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र आदि बनाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था कर आवश्यक आवेदन करवाए जाए। उन्होंने इसके लिए प्रत्येक पंचायत समिति में एवं शहरी क्षेत्रों के स्थानीय परिस्थिति अनुसार कैलेण्डर कैम्प आयोजित करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिविरों में विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों से ऑन लाईन आवेदन पत्र ई-मित्रों द्वारा निशुल्क भरे जाने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए। इन सहायता शिविरों में ग्रामीण क्षेत्र के शिविरों में उपखण्ड अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। विकास अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों के लिए नगर निकाय के संबंधित आयुक्त, अधिशाषी अधिकारी नियुक्त किया गया है।