अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने मोदी भेंट हेतु समय मांगा

अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 10 सूत्रीय मांगपत्र भेजा, 28 फरवरी को अजमेर प्रवास के दौरान भेंट हेतु समय मांगा
अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र प्रेषित कर सहकारिता आधारित डेयरी क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु 10 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है तथा दिनांक 28 फरवरी को उनके अजमेर प्रवास के दौरान प्रदेश के 11 सदस्यीय सहकारिता जनप्रतिनिधि दल को सौजन्य भेंट हेतु समय प्रदान करने का विनम्र अनुरोध किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारत का दुग्ध उद्योग देश की अर्थव्यवस्था एवं करोड़ों किसानों-पशुपालकों की आजीविका की रीढ़ है। सहकारी क्षेत्र के पशुपालकों की मेहनत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, साथ ही पोषण सुरक्षा और रोजगार का सुदृढ़ आधार भी सुनिश्चित होता है। किंतु वर्तमान में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी अनेक गंभीर समस्याएँ देशभर के पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं सहकारी संस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही हैं।
प्रमुख 10 माँगें इस प्रकार हैं :
1. भारत सरकार के रिजके के बीज के निर्यात आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा भारत सरकार के 113 कृषि फार्मों पर रिजके का बीज टी-1 एवं टी-3 युद्ध स्तर पर पैदा किया जाए।
2. कृषि मंत्रालय द्वारा गायों की लंपी बीमारी के लिए Goatpox इंजेक्शन के स्थान पर Cowpox इंजेक्शन युद्ध स्तर पर तैयार कर पूरे देश के जिला दुग्ध संघों को सस्ती दर पर उपलब्ध करवाया जाए।
3. पशुओं में FMD बीमारी के निदान हेतु वर्तमान में दो टीकों के स्थान पर एक ही सिंगल टीका इजाद कर युद्ध स्तर पर पूरे देश में उपलब्ध करवाया जाए।
4. सेक्स सोर्टेड सीमन एवं एम्ब्रियो टेक्नोलॉजी के माध्यम से सस्ती दर पर सीमन युद्ध स्तर पर उपलब्ध कराया जाए, जिससे बेसहारा सांडों की समस्या से निजात मिल सके तथा देश में पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम को नई क्रांति मिले और दूध उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हो।
5. दूध व दुग्ध उत्पादों में मिलावट करने वालों पर आजीवन कारावास का प्रावधान लागू किया जाए, जिससे जनमानस के स्वास्थ्य की रक्षा हो तथा पशुपालकों को दूध की उचित कीमत मिल सके।
6. महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर देशभर में डेयरी व्यवसाय को कृषि क्षेत्र का दर्जा दिया जाए, जिससे दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित हो सके, आपदा प्रबंधन के लाभ समय पर मिलें तथा पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की भांति पशुपालक क्रेडिट कार्ड 4 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध हो।
7. IAS व IPS की तर्ज पर इंडियन डेयरी सर्विस (IDS) कैडर की स्थापना की जाए, जिससे जिला दुग्ध संघों को तकनीकी अधिकारी उपलब्ध हों, प्लांट क्षमता का पूर्ण उपयोग हो, दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता विश्वस्तरीय बने तथा सहकारी संस्थाएँ आर्थिक रूप से सुदृढ़ हों।
8. देशभर में पशु आहार की दरें समान घोषित की जाएँ तथा मोलासिस पर जीएसटी दर कम करने के बाद भी पशुआहार की दरों में कमी सुनिश्चित की जाए।
9. FCI की तर्ज पर पूर्व की भांति नेशनल मिल्क ग्रिड की स्थापना की जाए, जिससे सरप्लस दूध को कमी वाले क्षेत्रों में भेजा जा सके, न्यूनतम क्रय मूल्य की गारंटी हो तथा बाजार गिरावट की स्थिति में पशुपालकों को प्रत्यक्ष सहायता मिले।
10. पशुपालन को मनरेगा में शामिल किया जाए तथा छोटे एवं सीमांत पशुपालकों के लिए विशेष पेंशन योजना एवं समग्र पशुधन बीमा योजना लागू की जाए, जिससे प्राकृतिक आपदा, महामारी या पशु मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अंत में पत्र के माध्यम से निवेदन किया गया है कि दिनांक 28 फरवरी को अजमेर प्रवास के दौरान प्रदेश के 11 सदस्यीय डेयरी सहकारिता जनप्रतिनिधि दल को भेंट हेतु समय प्रदान किया जाए, जिससे देश के करोड़ों पशुपालकों एवं सहकारी सदस्यों की समस्याएँ सीधे प्रधानमंत्री के समक्ष रखी जा सकें तथा किसानों-पशुपालकों की आय दोगुनी करने के संकल्प को साकार किया जा सके।
(रामचन्द्र चौधरी)
अध्यक्ष, अजमेर डेयरी

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