कार्यरत शिक्षकों को 11 माह से वेतन का इंतजार
अजमेर :भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र जी मोदी के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट स्किल इंडिया मिशन के तहत राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में 11 वर्षों से सेवाएं दे रहे व्यावसायिक शिक्षकों को पिछले साल से बेरोजगार कर देने से प्रदेश के एक तिहाई व्यावसायिक विद्यालय सुने पड़े है. कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों को 11 माह से वेतन का इंतजार है इस बार भी होली पर व्यावसायिक प्रशिक्षक विभाग से सैलरी की भीख मांग रहा है व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष आर एन रावत ने बताया कि
राजस्थान के 4019 विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा संचालित है जिसमें 2499 विद्यालय में पिछले दो वर्ष से व्यावसायिक प्रशिक्षक नहीं है सरकार केवल कागजो में व्यावसायिक शिक्षा का संचालन कर रही है.
अलग अलग एजेंसियो द्वारा नियोजित व्यावसायिक प्रशिक्षको की आर्थिक स्थिति गंभीर है कार्यरत व्यावसायिक शिक्षिको 3 से 11 माह तक का मानदेय बकाया हर बार कि तरह इस बार भी त्यौहार के समय पर इनकी जेब खाली रहती है
पिछले 11 वर्षों से व्यावसायिक प्रशिक्षक काम कर रहे हैं उन्हें टेंडर के नाम पर बार-बार बेदखल किया जाता है किसी भी प्रकार की जॉब सुरक्षा नहीं है और जो वर्तमान में कार्यरत है उनका टेंडर भी 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है
रावत ने बताया की माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से आग्रह है वास्तव में माननीय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का *हुनर है तो कदर है* सपना साकार करना है तो
सबसे पहले बेरोजगार किये गये 2527 व्यावसायिक प्रशिक्षको पुनः जॉइनिंग देवें
3 से 11 माह का बकाया सैलरी देवे और अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी व्यावसायिक प्रशिक्षको को जब सुरक्षा जैसे हरियाणा मॉडल, असम, हिमाचल प्रदेश की तरह लागु करें जिससे लाखों करोड़ो रूपये का सही प्रयोग किया जा सकें और विधार्थियो के साथ व्यावसायिक शिक्षकों का भविष्य सही दिशा में बढ़ाया जा सकें.