भारत के सेमीकंडक्टर उदय को सशक्त कर रहे हैं- आईईएसए टेक्नोवेशन अवार्ड्स 2026

-डिज़ाइन, मैन्युफैक्चरिंग और डीप-टैक् इनोवेशन में अग्रदूतों को किया गया सम्मानित-

बैंगलुरु, मार्च 2026: बैंगलुरु में लीला भारतीय सिटी कन्वेंशन सेंटर में 25-26 फरवरी 2026 को सम्पन्न आईईएसए विज़न समिट 2026 के दौरान आईईएसए टेक्नोवेशन अवार्ड्स दिए गए। ये भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार हैं। इंडस्ट्री, सरकार, स्टार्ट अप और शिक्षा जगत के सबसे तेज़ दिमागों को एक साथ लाते हुए, दो दिन के इस समिट -जिसकी थीम थी ’डिज़ाइन टू मैन्युफैक्चरिंगः सिनर्जी ऑफ प्रोडक्ट, प्रोडक्शन एंड स्किल’- ने भारत के प्रोडक्ट नेशन बनने के सपने में एक अहम बदलाव का संकेत दिया।

भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स ईकोसिस्टम को मज़बूत करने में उनके शानदार योगदान के लिए इस साल के टेक्नोवेशन अवॉर्ड विजेताओं को बधाई देते हुए आईईएसए के प्रेसिडेंट श्री अशोक चांडक ने कहाः ’’विजेताओं की उपलब्धियां नवोन्मेष की गहराई, उद्यमिता की भावना और कार्यान्वयन की उत्कृष्ट क्षमता दर्शाती हैं, जो भारतीय प्रौद्योगिकी के भविष्य को आकार दे रही हैं। सेमीकंडक्टर और ईएसडीएम वैल्यू चेन में बेहतरीन प्रदर्शन को प्रकाश में लाकर ये पुरस्कार भारत में टेक्नोलॉजी लीडरशिप और ईकोसिस्टम पर असर के लिए नए मानक स्थापित सेट करते रहेंगे।’’

उन्होंने आगे कहा, ’’पिछले कुछ सालों में, टेक्नोवेशन अवार्ड्स भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में तेज़ी से हो रहे बदलाव के साथ-साथ आगे बढ़े हैं। अब इन श्रेणियों में स्टार्टअप्स, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम, ऐंटरप्राइज़ और सर्विसेज़, टेक्नो-विज़नरी लीडर, और स्किलिंग व एकेडेमिया शामिल हैं – जो इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग ताकत, ग्लोबल डिलीवरी क्षमता और प्रतिभा विकास के पूरे विस्तार को दिखाते हैं जो हमारे ईकोसिस्टम को परिभाषित करते हैं।’’

पुरस्कारों के इस 2026 संस्करण को एप्लाइड मैटेरियल्स और इनफिनियॉन ने सपोर्ट किया, जिसने इनोवेशन और ईकोसिस्टम विकास हेतु उद्योग के मज़बूत समर्थन को जाहिर किया।

आईईएसए विज़न समिट 2026 में, बेहतरीन लीडरों और इनोवेटरों को प्रतिष्ठित टेक्नोवेशन अवार्ड्स से नवाज़ा गया:

1) डॉ. साराभाई अवॉर्ड कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (केडीईएम) के चेयरमैन श्री बी. वी. नायडू को दिया गया। यह पुरस्कार नवाचार, कौशल विकास, नीति निर्माण और उद्योगी की वृद्धि में तीन दशकों से ज्यादा समय तक उनके खास योगदान के लिए तथा एक मज़बूत ईएसडीएम ईकोसिस्टम बनाने में उनकी अहम भूमिका के लिए दिया गया है, जिसने ब्रांड इंडिया को विश्व स्तर पर मज़बूती से स्थापित किया है।

2) टेक्नोविज़नरी अवार्ड्स की खास श्रेणी में, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (टेक्नो विज़नरी – पब्लिक सर्विस) श्री अमितेश कुमार सिन्हा; एथर एनर्जी के सह-संस्थापक श्री स्वप्निल जैन (टेक्नो विज़नरी – इंडस्ट्री); और आईआईआईटी बैंगलोर के निदेशक डॉ. देबब्रत दास (टेक्नो मेंटर) को सम्मानित किया गया।

3) टेक्नोवेशन अवार्डस्, नामांकन के माध्यम से चुने गए और जूरी पैनल द्वारा मूल्यांकन किया गया, जिनमें शामिल हैं: श्री राजेश एन. गुप्ता, सीईओ, मोसार्ट सेमीकंडक्टर्स (स्टार्ट-अप – इलेक्ट्रॉनिक्स); श्री दीपांजन गोप, सीईओ, सिमयोग टेक्नोलॉजी (स्टार्ट-अप – सेमीकंडक्टर); श्री साईरंजन मिश्रा, सीईओ, एच2लूप एआई प्राइवेट लिमिटेड (स्टार्ट-अप – आईपी); श्री आशुतोष श्रीकांत भाभे, निदेशक और सीईओ, आईएन14सिलिकॉन सॉल्यूशंस (स्टार्ट-अप – सर्विसिज़); श्री बसवराज नागराजू, सीईओ, आरवी-स्किल्स सेंटर फॉर इमर्जिंग टेक्नोलॉजीस (स्किलिंग – फिनिशिंग स्कूल); प्रो. संकेत गोयल, बिरला चेयर प्रोफेसर और प्रमुख, क्रेस्ट, बिट्स पिलानी (स्किलिंग – यूनिवर्सिटी); श्री अभरा बागची, सीएमओ, फर्मियोनिक डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड (एमएसएमई/एसएमई – सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स एंड आईपी डैवलपमेंट); श्री तनिंदर सिझेर, वीपी इंजीनियरिंग, सैनडिस्क इंडिया डिवाइस डिज़ाइन सेंटर (एंटरप्राइज़ – बहुराष्ट्रीय); और डॉ. जी. शिवकुमार, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएएल (एंटरप्राइज़ – इंडिया)

श्री अशोक चांडक ने कहा, ’’देश का सेमीकंडक्टर मार्केट 2030 तक 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है, इसलिए टेक्नोवेशन अवार्ड्स उन लोगों को पहचानने में अहम भूमिका निभाते हैं जो पॉलिसी विज़न को इंडस्ट्री में असरदार तरीके से बदल रहे हैं। हमें इनोवेशन, डिज़ाइन ऐक्सीलेंस, ईकोसिस्टम लीडरशिप और टैलेंट डैवलपमेंट के इस उत्सव पर बहुत गर्व है, ये पुरस्कार दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पावरहाउस बनने की दिशा में भारत के सफर को मज़बूत करते हैं।’’

इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन ने 2008 में ये पुरस्कार शुरू किए थे। ये पुरस्कार अब भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स ईकोसिस्टम में उत्कृष्टता, नवाचार और बदलाव लाने वाले योगदान के लिए दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक बन गए हैं।

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