विश्व पुस्तक दिवस पर संपर्क साहित्य संस्थान की ऑनलाइन साहित्यिक संध्या में देशभर से उमड़ा उत्साह

संपर्क संस्थान साहित्य को जीवंत रखने वाला मंच, संपर्क के ऑनलाइन मंच पर पुस्तकों के महत्व पर हुआ चिंतन, कविताओं से सजी शाम
जयपुर। विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर संपर्क साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित ऑनलाइन साहित्यिक संध्या एवं काव्य पाठ में गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभा कर  साहित्य के प्रति अपनी गहरी संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया।
संस्थान के अध्यक्ष अनिल लढ़ा ने सभी साहित्यकारों का अभिनंदन करते हुए कहा कि संपर्क साहित्य संस्थान केवल एक मंच नहीं, बल्कि विचारों और संवेदनाओं को जोड़ने वाला सशक्त परिवार है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की महासचिव एवं समन्वयक रेनू ‘शब्दमुखर’ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए प्रभावशाली मंच संचालन संभाला, जिससे कार्यक्रम में गरिमा और ऊर्जा का सुंदर समन्वय बना रहा।
मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सीमा हिंगोनिया ने अपने उद्बोधन में संपर्क साहित्य संस्थान व अध्यक्ष अनिल लढा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान समाज में साहित्यिक चेतना को जागृत करने के साथ-साथ महिलाओं और पुरुषों को समान रूप से रचनात्मक मंच प्रदान कर रहा है तथा प्रभावशाली कविता सुनाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हिंदी प्रचार-प्रसार संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अखिल शुक्ला ने संपर्क साहित्य को जीवंत रखने वाला मंच बताया साथ ही कहा कहा कि संपर्क साहित्य संस्थान देशभर में साहित्यिक गतिविधियों, पुस्तक विमोचन एवं काव्य पाठ के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विशेष रूप सेउन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय में भी संस्थान ने अपनी गतिविधियों से साहित्य को जीवित रखा और समाज में सकारात्मक चेतना बनाए रखी।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतिभागियों ने पुस्तकों के महत्व पर अपने विचार साझा किए। किसी ने आचार्य चरक की ‘चरक संहिता’ के ज्ञान पर प्रकाश डाला, तो किसी ने रामधारी सिंह दिनकर की ‘रश्मिरथी’, दुष्यंत कुमार की रचनाओं तथा ‘आनंद मठ’ जैसे कालजयी ग्रंथों के माध्यम से साहित्य की गहराई को प्रस्तुत किया। काव्य पाठ ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।
 देश भर के साहित्यकारों ने दी प्रभावी प्रस्तुतियां 
कार्यक्रम में पुणे से आशा शर्मा, हल्द्वानी से सौम्या दुआ, कोटा से पूनम झा, दौसा से संदीप छीपा, भोपाल से नीलम वंदना, हैदराबाद से सुहास जी सहित जयपुर की सुजाता पुरोहित, जीनस कंवर, नेहा खत्री, हिमाद्री समर्थ, सुनीता त्रिपाठी, डॉ. नीलम कालरा, प्रियंका पुरोहित, कमलेश शर्मा, पुनीता कुमारी, पुष्पा माथुर, डॉ. दीपाली वार्ष्णेय अग्रवाल, अरुण कुमावत, डॉ. दीपक कपूर, मधुमिता,अनिल कुमार,ममता महक एवं रितु अग्रवाल सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
समापन में यह स्पष्ट हुआ कि संपर्क साहित्य संस्थान न केवल साहित्य को जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को भी पुस्तकों और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति प्रेरित कर रहा है। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और सकारात्मक विचारों का एक सुंदर संगम बनकर सभी के मन में विशेष छाप छोड़ गया।
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