गत 1.5 वर्ष के मिड डे मील योजना के अजमेर डेयरी के राज्य सरकार एवं भारत सरकार पर लगभग 64 करोड़ रुपये बकाया चल रहे हैं जिसमें मिड डे मील के 58 करोड़ रुपये एवं राज्य सरकार के आदेश देने पर संघ द्वारा लगभग 6 करोड़ रुपये का माल पाश्चात्य बाल गोपाल योजना के तहत अजमेर डेयरी में तैयार करके रखा हुआ है, जिसकी सरकार ना तो उठा रही है ना ही भुगतान कर रही है।
राज्य सरकार द्वारा उपरोक्त भुगतान नहीं देने से अजमेर संघ को 6-7% कार्यशील पूंजी ऋण लेकर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 5-6 करोड़ रु. के ब्याज के रूप में अजमेर डेयरी वहन कर रही है। इसके अतिरिक्त जिले के पशुपालकों के 30 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के चार माह के लगभग 30 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है।
पशुपालकों को आगामी माह में मानसून आने की संभावना है इसी को मद्देनजर रखते हुए राज्य सरकार से अनुरोध है कि उपरोक्त 30 करोड़ रुपये का भुगतान शीघ्रता शीघ्र करवाएं जिससे पशुपालक समय पर खेतों की जुताई और खाद बीज अग्रिम रूप से खरीद कर बुवाई कर सकें।
RCDF से यह भी अनुरोध है कि SSG ज्वार जो आन्ध्रप्रदेश से खरीद कर अभी तक मात्र 800 टन ही उपलब्ध करवायी है उससे जिले में लगभग 8 हजार बीघा में हरी घास की बुवाई हो चुकी है। जो पहले Round में 500 क्विंटल बीज आया था उसकी पहली कटाई भी हो चुकी है। गत 15 दिन से बारम्बार अनुरोध करने पर भी 300 मेट्रिक टन ज्वार का बीज नहीं मिल पा रहा है। इससे तालाबों में खाली हुई जमीन या भराव के खेतों में पानी सूखने से किसान इस बीज का इंतजार कर रहे हैं। लगभग 3 हजार बीघा में और हरे चारे की बुवाई जिले में हो सके।
राज्य सरकार द्वारा प्रोसेसिंग प्लांट के विस्तार आदि मद से अजमेर डेयरी को कुछ भी नहीं दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में हमारे साथ भेदभाव नहीं होगा और अन्य जिला संघों की भांति हमारे लम्बित कार्य चीज प्लांट, सोलर प्लांट और चॉकलेट मशीन (मक्खन की टिक्की बनाने वाली) का काम शुरू हो सके।