विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के लिये संगठित होकर शंखनाद तो करना ही होगा

अजमेर कांग्रेस :-पूरे राजस्थान प्रदेश की कांग्रेस और उसमें अजमेर की कांग्रेस हमेशा से ही एक अहम भूमिका मैं अपना वर्चस्व अपनी अलग पहचान प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाए हुए हैं, कार्यशील है, प्रगतिशील है भले ही 20-25 वर्षों से तो लगातार अजमेर के दोनों विधानसभा क्षेत्र हारते आ रहै है। लोकसभा भी यदा-कदा ही जीत पाए हैं। जबकि अजमेर कांग्रेस में इतने राजनीतिक महाभारत के महारथी है,राजनीतिक ब्रह्मास्त्र के ज्ञाता हैं, जो येन-केन प्रकारेण कहीं न कहीं अपना वर्चस्व बनाए हुए हैं। आज जो विपक्ष गिद्ध के समान नजर आने लगा है सही राजनीतिक निशाना एकजुटता के साथ सदै तो सब उड़ जाएं, लेकिन अजमेर की कांग्रेस की राजनीति में निशाना सही साधने के लिए राजनीतिक महाभारत को जीतने के लिए चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए किसी को तो अपना हित त्याग कर कांग्रेस के हित के बारे में सोचना होगा और पांडवों की एकजुटता की तरह प्रभु श्री कृष्ण की तरह सही सलाहाकार चुन ओर अर्जुन बन राजनीतिक महाभारत के युद्ध को जीतना होगा। अब अपना कांग्रेसी धर्म निभाना होगा, *कोई नल-नीर बनकर सेतु तो बाधे एक होकर मत भेद ओर गुट -बाजी छोड़ कर इस राजनीतिक रण को जितना होगा, जनता को बदलाव चाहिये ओर इस बदलाव के लिये हमें समाज या जाति को नही कांग्रेस के सिबल को अपने कांग्रेसी होने के धर्म को निभाते हुये कांग्रेस को पुनः गली- महोलो से विधानसभा ओर संसद तक पहुचाना होगा। सबको एक धागे में पिरोना होगा। अजमेर जीतेंगे तो देश जीतेंगे राजनीतिक महाभारत के महारथियों को यह राजनीतिक युद्ध जीतने के लिए मनन और चिंतन तो करना ही होगा अब विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के लिये संगठित होकर शंखनाद तो करना ही होगा। अब राजनीतिक महाभारत के रण को जितना ही होगा।

 

आवाज-ए-कलम
अधिवक्ता के.सी.जोनवाल.

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