शाहिद मल्ल्या के अजमेर पहुंचने पर मोहम्मद नजीर कादरी ने किया स्वागत सम्मान

अजमेर । बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायक शाहिद मल्ल्या अपनी भावपूर्ण, गहरी और दिल को छू लेने वाली आवाज़ के लिए जाने जाते हैं। पिछले डेढ़ दशक में उन्होंने हिंदी सिनेमा सहित पंजाबी और अन्य क्षेत्रीय फिल्मों में कई यादगार गीत गाकर संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई है। उनकी गायकी में भावनाओं की गहराई और सुरों की मिठास साफ झलकती है, जिसके कारण वे बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली गायकों में गिने जाते हैं।
उन्हें बॉलीवुड में पहली बड़ी पहचान फिल्म “मौसम” के गीत “रब्बा मैं तो मर गया ओए” और “इक तू ही तू” से मिली। इन गीतों ने उन्हें रातोंरात लोकप्रिय बना दिया और संगीत जगत में उनकी अलग पहचान स्थापित कर दी।
शाहिद मल्ल्या ने कई सुपरहिट फिल्मों में अपनी आवाज़ दी। उनके चर्चित गीतों में “दो धारी तलवार” (मेरे ब्रदर की दुल्हन), “कुक्कड़” (स्टूडेंट ऑफ द ईयर), “इस्की उस्की” (2 स्टेट्स), “सैयाँ” (हीरोइन), “हीर” (जब तक है जान), “धतिंग नाच” (फटा पोस्टर निकला हीरो), “इक्क कुड़ी” और “चित्ता वे” (उड़ता पंजाब), “दरिया” (मनमर्जियां), “राधा” (जब हैरी मेट सेजल), “शौक”, “रुबाइयां” और “निर्भउ निरवैर” (कला) जैसे गीत शामिल हैं। इन गीतों ने उन्हें बॉलीवुड के बहुमुखी गायकों की श्रेणी में खड़ा कर दिया।
संगीत जगत से जुड़े विभिन्न स्रोतों के अनुसार शाहिद मल्ल्या अब तक दर्जनों फिल्मों और लगभग 70 से अधिक फिल्मी एवं स्वतंत्र गीतों में अपनी आवाज़ दे चुके हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा पंजाबी और तेलुगु फिल्मों में भी गीत गाए हैं।
वर्ष 2023 में रिलीज़ हुई फिल्म “रॉकी और रानी की प्रेम कहानी” के गीत “कुडमई” ने भी शाहिद मल्ल्या को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इस गीत के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड के सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक वर्ग में नामांकन मिला, जिसने उनके करियर को और मजबूती दी।शाहिद मल्ल्या की खासियत यह है कि वे रोमांटिक, सूफी, दर्दभरे और ऊर्जावान हर तरह के गीतों को अपनी आवाज़ से जीवंत बना देते हैं।

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