मुंबई, जून, 2026: इंडियन होटल्स कंपनी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने ESG+ फ्रेमवर्क, ‘पथ्या‘ के तहत ज़िम्मेदारी के साथ हॉस्पिटैलिटी को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को फिर से दोहराया है। कंपनी ने सकारात्मक बदलाव लाने के मकसद से ‘पथ्या‘ की शुरुआत की है, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल, पानी का सही प्रबंधन, कचरे को रीसायकल करके इस्तेमाल में लाने, कचरा कम करने, पर्यावरण के अनुकूल वाहनों का इस्तेमाल करने और पर्यावरण सुरक्षा के तय मानकों को पूरा करने जैसे आईएचसीएल की कई पहलों को एक साथ जोड़ा गया है।
आईएचसीएल में ह्यूमन रिसोर्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, श्री गौरव पोखरियाल ने कहा, “इन दिनों संसाधनों के कुशल तरीके से इस्तेमाल कर अधिक ध्यान दिया जाने लगा है, और पर्यावरण सुरक्षा पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी कामकाज के तरीके में बदलाव आया है। यह इंडस्ट्री धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, और ऐसे में हमें भी जागरूक पर्यटकों की उम्मीदों पर खरा उतारते हुए पर्यावरण की देखरेख के साथ-साथ अपने बिजनेस को बेहतर बनाने का मौका मिल रहा है। पथ्या के ज़रिए आईएचसीएल का नज़रिया इसी सोच को दिखाता है, जिसमें रोज़मर्रा के कामकाज के तरीकों को उन पहलों से जोड़ा गया है जो हमारे समाज और पर्यावरण की भलाई में मदद करते हैं, जिनका हम हिस्सा हैं।“
आईएचसीएल अपने पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, और अब इसकी 41% बिजली नवीकरणीय संसाधनों से आती है। कंपनी ने 171 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 386 चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं, खुद के 108 ऑर्गेनिक वेस्ट कम्पोस्टिंग प्लांट चालू किए हैं, और एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को कम करने के लिए पानी के 85 बॉटलिंग प्लांट चला रही है। इसके अलावा, कंपनी के होटलों से निकलने वाले 54% गंदे पानी को रीसायकल करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा रहा है।
आईएचसीएल की ओर से समुदाय के लिए शुरू की गई मुहिम में गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में वॉटरशेड को ठीक करने, बारिश का पानी इकट्ठा करने, पारंपरिक जल स्रोतों को फिर से पहले जैसा बनाने और जमीन के नीचे पानी का स्तर बढ़ाने में मदद करने जैसी कई पहल शामिल हैं। कंपनी ने आने वाले 3 सालों में 50 लाख क्यूबिक मीटर पानी को बचाने और पानी का स्तर बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की कमाई के साधन और पर्यावरण को बेहतर बनाने का भी लक्ष्य रखा है।
आईएचसीएल ने पथ्या के तहत कम समय और लंबे समय के लिए कई लक्ष्य निर्धारित किए हैं जिन्हें साल 2030 तक पूरा किया जाना है। इनमें नवीकरणीय स्रोतों से 50% बिजली हासिल करना, सभी होटलों में एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को पूरी तरह खत्म करना और इस्तेमाल किए हुए गंदे पानी को 100% दोबारा काम में लाने की योजना शामिल है। इसके अलावा, कंपनी के सभी होटलों को ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड के अनुरूप सर्टिफिकेट भी दिलाया जाएगा।