नागरिकों के कार्य अधिक से अधिक शिविर में निपटाकर दे राहत – प्रभारी सचिव
समीक्षा बैठक के माध्यम से अधिकारियों को दिए संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश
अजमेर, 17 जून। अजमेर जिला प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन ने बुधवार को जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का निरीक्षण किया। उनके द्वारा किशनगढ़ की ग्राम पंचायत तिलोनिया एवं पुष्कर की ग्राम पंचायत कानस में ग्रामीण सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण किया एवं विभागों द्वारा लगाए गए काउण्टरों पर जाकर आमजन के लिए किए जा रहे कार्यों की बारीकी से जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन के कार्य शिविर में ही निस्तारित कर उन्हें राहत दे ताकि इन शिविरों की उपयोगिता साबित हो। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु भी इस दौरान साथ रहे। इसके पश्चात उनके द्वारा अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी ली गई।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि इन शिविरों में पट्टा वितरण के साथ ही व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं में पात्र लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंनें अधिकारियों को शिविर में सेवा भाव के साथ कार्य कर लोगों के कार्य मौके पर निस्तारित कर संवेदनशील सरकार का संदेश आमजन तक पहुंचने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के आवेदनों का सत्यापन करे। जल जीवन मिशन तथा हैंडपम्प मरम्मत के कार्य इसी समय होने से आमजन को राहत मिलेगी। आवेदन करने वाले समस्त व्यक्तियों को पट्टा दिया जाना चाहिए।
जिला प्रभारी सचिव ने इस मौके पर लाभार्थियों को आवासीय पटटे, पालनहार योजना के दस्तावेज, मिनी बीज किट, राजीविका की महिलाओं को ऋण, नवीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आपसी सहमति से खाता विभाजन के दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड में शुद्धिकरण के दस्तावेज, मुख्यमंत्री पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों को बीमा पॉलिसी वितरित किये। शिविर में लाभार्थियों ने संवेदनशील सरकार के प्रति आभार जताया एवं कहा कि शिविर की बदौलत उन्हें यह राहत मिली है। कानस की मीरा देवी को निक्षय पोषण योजना से लाभांवित किया गया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की 2 लाख रूपए की क्लेम राशि शारदा देवी को सौंपी गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याएं स्थानीय स्तर पर निस्तारित हो उसी के लिए सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर अपनी समस्याओं को निस्तारित करवाने की अपील की।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने ग्राम पंचायत कानस में आयोजित शिविर में प्रभारी सचिव को शिविरों की प्रगति से अवगत कराया। साथ ही शिविरों के दौरान चलाए जा रहे सम्बल अभियान के बारे में भी जानकारी दी। इसके माध्यम से दिव्यांगों, सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स तथा कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस दिशा में शत-प्रतिशत कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रभारी सचिव द्वारा सम्बल अभियान की सराहना की गई।
शिविरों में किशनगढ शिविर प्रभारी श्रीमती निशा सहारण, पुष्कर उपखण्ड अधिकारी श्री गुरू प्रसाद तंवर, अजमेर उपखण्ड अधिकारी श्रीमती पदमा देवी, विकास अधिकारी श्री सुधीर पाठक एवं श्रीमती रेखा मीणा, प्रशासक श्रीमती सुनीता यादव, श्री महेन्द्र सिंह मझेवला एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने ली समीक्षा बैठक
प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन ने वीसी के माध्यम से ली गई समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच अथवा प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फॉलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियोें से कहा कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और वंचित वर्गों सहित सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। पार्क, सड़क, नाली, सीवरेज, बिजली तथा अन्य नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर श्री लोक बंधु ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा नवाचार के रूप में संबल अभियान भी इन शिविरों के साथ चलाया जा रहा है। इसमें क्षेत्र के शत प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स के सत्यापन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पात्र व्यक्तियों के नवीन पेंशन आवेदन भी लिए जाएं। इसी प्रकार दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी फोकस किया जा रहा है। उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र भी निकटवर्ती चिकित्सालय के माध्यम से जारी होने चाहिए। इन दिव्यांगों को समस्त योजनाओं का लाभ भी मिले। पालनहार योजना से संबंधित दस्तावेजों को पूर्ण करवाकर अपडेट करने की कार्यवाही भी इस दौरान की जाए। जिले में कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।