खारी नदी बजरी खनन: अनशनकारियों की तड़प देख पसीजा रामचंद्र चौधरी का दिल

कहा- “जनता की इस लड़ाई में, मैं उनके साथ खड़ा हूँ”

अजमेर: खारी नदी क्षेत्र में चल रहे बेलगाम बजरी खनन के विरोध में पिछले 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन में अजमेर डेयरी अध्यक्ष एवं 2024 लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी श्री रामचंद्र चौधरी खुलकर मैदान में आ गए हैं। अनशनकारियों की बिगड़ती हालत और प्रशासन की अनदेखी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे जनता के साथ खुला अन्याय बताया है।
“मेरे अपनों की पीड़ा बर्दाश्त नहीं”
5 ग्रामीणों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने और तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल रेफर किए जाने की घटना ने श्री चौधरी को झकझोर दिया है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “चिलचिलाती धूप में भूखे-प्यासे बैठे मेरे किसान भाइयों और युवाओं की पीड़ा मेरी अपनी पीड़ा है। पुलिस थाना बिजयनगर, तहसीलदार और माइनिंग विभाग ब्यावर की मिलीभगत से यह साफ हो गया है कि यह व्यवस्था ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ बन चुकी है। आज प्रशासन का रवैया उसी कहावत को सच कर रहा है कि ‘जब बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो खेत की रक्षा कौन करे?'”
क्या है ग्रामीणों का दर्द:
श्री चौधरी ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा कि यह खनन पूरे इलाके को तबाह कर रहा है:
सूखते कुएं और बंजर धरती: खारी नदी का सीना चीरने से पूरे क्षेत्र का जलस्तर पाताल में जा रहा है, जिससे किसानों की उपजाऊ जमीनें बंजर हो रही हैं।
बीमारियां और दुर्घटनाएं: गांवों के बीच से दिन-रात गुजरने वाले ओवरलोड डंपरों की उड़ती धूल से बुजुर्ग और बच्चे दमा जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
प्रशासन को सीधी चेतावनी
अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि जनभावनाओं के सब्र का और इम्तिहान न लिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं मांग करता हूँ कि जनहित में खारी नदी की बजरी खनन लीज को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और अनशनकारियों की जान बचाई जाए। प्रशासन तुरंत अपनी कुंभकर्णी नींद त्यागे, वरना मुझे अपनी जनता के हकों के लिए उनके साथ सड़कों पर उतरकर एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”

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