प्रख्यात फिल्म निर्माता-निर्देशक के. सी. बोकाड़िया ने छात्राओं से साझा किए सफलता के अनुभव

ब्यावर।
श्री वर्द्धमान कन्या पी.जी. महाविद्यालय में प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं निर्देशक के. सी. बोकाड़िया के सम्मान में प्रेरणादायी एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को भारतीय फिल्म उद्योग के अनुभवी व्यक्तित्व से सीधे संवाद का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ, जहां उन्होंने फिल्म निर्माण से लेकर जीवन में सफलता तक के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।

महाविद्यालय परिसर में आगमन पर के. सी. बोकाड़िया का  श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ नरेंद्र पारख एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर सी लोढ़ा ने पारंपरिक राजस्थानी साफा पहनाकर, माल्यार्पण, उपरना ओढ़ाकर तथा स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर इम्फाल (मणिपुर) की प्रख्यात समाजसेविका श्रीमती आरती जैन का भी माल्यार्पण, उपरना ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के सफल एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के अनुभवों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि के. सी. बोकाड़िया जैसे प्रतिष्ठित फिल्मकार का महाविद्यालय आगमन छात्राओं के लिए प्रेरणा, सीख और आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण अवसर है।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. सी. लोढ़ा ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अतिथियों के अनुभव छात्राओं को अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने की प्रेरणा देंगे।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं प्रेरक चरण संवाद सत्र रहा। छात्राओं ने फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन, मनोरंजन उद्योग में करियर, नई प्रतिभाओं के अवसर, सफलता के मूल मंत्र तथा फिल्म जगत की चुनौतियों से जुड़े अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे।

के. सी. बोकाड़िया ने अपने दशकों लंबे फिल्मी अनुभव साझा करते हुए कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।” उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण को कैमरे के पीछे की सफलता का आधार बताया। उनके प्रेरक विचारों, सहज व्यक्तित्व और अनुभवों ने छात्राओं को अत्यंत प्रभावित किया।

इस अवसर पर श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष ज्ञानचंद बिनायकिया, कोषाध्यक्ष देवराज लोढ़ा, प्रचार मंत्री महेंद्र सांखला, प्रबंधकारिणी सदस्य दीपचंद कोठारी एवं उत्तमचंद देरासरिया सहित महाविद्यालय के समस्त व्याख्याता गण, छात्राएं उपस्थित रही । अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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