महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप व्यापक शैक्षणिक सुधार लागू

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणालीक्रेडिट आधारित ढांचा एवं नवीन परीक्षा पद्धति लागू

अजमेरजुलाई 2026। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों एवं प्रावधानों के अनुरूप महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालयअजमेर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से व्यापक एवं दूरगामी शैक्षणिक सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करते हुए अधिसूचना जारी की गई है। विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई हैजिसके माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित एवं सतत् अधिगम का अवसर प्राप्त होगा तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में क्रेडिट आधारित ढांचे (क्रेडिटाइजेशन) को अपनाया है। इससे विद्यार्थियों को विषय चयन में अधिक लचीलापनबहुविषयक अध्ययन के अवसर तथा शैक्षणिक गतिशीलता प्राप्त होगी। विश्वविद्यालय द्वारा नवीन परीक्षा पद्धति भी लागू की गई हैजिसके अंतर्गत सतत् मूल्यांकन (Continuous Assessment) को भी सम्मिलित किया गया है। यह व्यवस्था विद्यार्थियों के समग्र विकासनियमित अध्ययन तथा अधिगम परिणामों के प्रभावी मूल्यांकन को सुनिश्चित करेगी। इन सुधारों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को अधिक पारदर्शीउत्तरदायीनवाचारोन्मुख तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक सशक्त कदम है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी कार्यक्रमों की विस्तृत पाठ्यक्रम संरचनापाठ्यचर्या रूपरेखाक्रेडिट वितरण एवं परीक्षा योजनाओं को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा हैजो शीघ्र ही विद्यार्थियोंशिक्षकोंसम्बद्ध महाविद्यालयों एवं अन्य हितधारकों के लिए उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक ऐसे शिक्षण वातावरण का निर्माण करना है जो विद्यार्थी-केंद्रितअधिगम परिणाम आधारितलचीला एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञानकौशल एवं नवाचार क्षमता से सुसज्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रो. अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ये सुधार विद्यार्थियों के शैक्षणिक अनुभव को समृद्ध करेंगे तथा महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय को नवाचार एवं उत्कृष्टता आधारित उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में नई पहचान प्रदान करेंगे।

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