गुरु पूर्णिमा एवं ध्यान दिवस की तैयारियों के लिए परिवारों और समाज को जोड़ने का आह्वान
अजमेर। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, अजमेर शाखा द्वारा राजा साइकिल चौराहे के समीप स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण उद्यान में केंद्र वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग, अनुशासन, संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण तथा पारिवारिक एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के जयघोष के साथ हुआ। केंद्र वर्ग के दौरान प्रतिभागियों ने आसन, प्राणायाम तथा सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। क्रीड़ा योग के अंतर्गत भस्मासुर, केंद्र कहता है तथा घूमता किला जैसे खेलों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से सहभागिता, सामूहिकता और उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ। विभिन्न केंद्र वर्गों से आए कार्यकर्ताओं एवं साधकों की सक्रिय उपस्थिति कार्यक्रम की विशेषता रही। आदर्श नगर वर्ग की उल्लेखनीय भागीदारी की सराहना करते हुए इसे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं संगठनात्मक प्रेरणा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रांत कार्य पद्धति प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा ने नियमितता और अनुशासन को संगठन जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि नियमित उपस्थिति केवल किसी कार्यक्रम में भागीदारी नहीं, बल्कि आत्मानुशासन और व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमों के साथ निरंतर जुड़ाव व्यक्ति के भीतर उत्तरदायित्व और आत्मचेतना का विकास करता है। उन्होंने महर्षि पतंजलि के “एक तत्वाभ्यास” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में किसी एक सकारात्मक केंद्र को स्वीकार कर उसके चारों ओर अपने जीवन को व्यवस्थित करता है, तो उसका व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन स्वतः संतुलित एवं सुव्यवस्थित हो जाता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि विवेकानंद केंद्र केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्यों को जीवन में उतारने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि केंद्र में ओंकार को गुरु के रूप में स्वीकार किया गया है, जो संपूर्ण मानवता, आध्यात्मिक एकता और सार्वभौमिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने आगामी गुरु पूर्णिमा उत्सव के संदर्भ में कार्यकर्ताओं से अपने परिवारों के साथ-साथ आसपास के परिवारों को भी इस आयोजन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना, पारिवारिक आत्मीयता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ किया जा सकता है।
गृह सम्पर्क अभियान को संगठन विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक कार्यकर्ता आगामी छह महीनों में अपने वर्ग के प्रत्येक परिवार से आत्मीय संपर्क स्थापित करे तथा अल्पाहार प्रवास के माध्यम से संवाद और संबंधों को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि गृह सम्पर्क का उद्देश्य औपचारिक आतिथ्य नहीं, बल्कि आत्मीयता, संवाद और विश्वास का विस्तार है।उन्होंने आगामी 21 दिसंबर को आयोजित होने वाले ध्यान दिवस सहित अन्य कार्यक्रमों की सफलता के लिए अभी से संगठनात्मक तैयारी तथा नियमित संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयासों से वर्गों का सुदृढ़ीकरण होने के साथ-साथ संगठन का विस्तार भी स्वाभाविक रूप से होगा।
केंद्र वर्ग के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संचालन में विनीता यादव, राकेश यादव, अंकुर प्रजापति, सुलोचना शर्मा, जितेंद्र गहलोत तथा प्रवीण शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सक्रिय सहयोग रहा। नगर प्रमुख अंकुर प्रजापति ने बताया कि विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, अजमेर शाखा द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से निःशुल्क योग वर्ग संचालित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से योग, संस्कार, व्यक्तित्व विकास तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को समाज में प्रसारित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान, सकारात्मक चिंतन तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।