नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026: भारत के स्वदेशी और अरबों डॉलर वाले फ्रूट ड्रिंक ब्रांड माज़ा ने बागों से करोड़ों उपभोक्ताओं तक भारतीय आमों का असली स्वाद पहुँचाने के 50 साल पूरे कर लिए हैं। नेशनल मैंगो डे (राष्ट्रीय आम दिवस) के अवसर पर कोका-कोला इंडिया और भारत सरकार के डाक विभाग ने माज़ा के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष लिफाफा (स्पेशल कवर) जारी किया। इस कार्यक्रम में कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन आनंदना के प्रोजेक्ट उन्नति से जुड़े आम किसानों को भी सम्मानित किया गया। इसमें उन किसान परिवारों के योगदान को सराहा गया जिन्होंने भारत की आम विरासत को सहेजने में मदद की और माज़ा के पांच दशकों के सफर को संभव बनाया।
इस विशेष लिफाफे का विमोचन भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने किया। इस दौरान संचार मंत्रालय के डाक विभाग में दिल्ली सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कर्नल अखिलेश कुमार पांडे, कोका-कोला इंडिया एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशन्स एंड सस्टेनेबिलिटी) देवयानी राणा, कोका-कोला इंडिया के बॉटलिंग पार्टनर्स, मैंगो सप्लायर फूड्स एंड इंस लिमिटेड और एनजीओ पार्टनर सेंडेक्ट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
1976 में अपनी शुरुआत के बाद से ही माज़ा भारतीय घरों का एक पसंदीदा हिस्सा रहा है, जो देश भर के बागों से आम का बेहतरीन स्वाद लोगों तक पहुँचाता आ रहा है। पिछले पांच दशकों से यह ब्रांड भारत के इस सबसे पसंदीदा फल के स्वाद से लोगों को साल भर जोड़े हुए है।
यह विशेष लिफाफा डाक-टिकट संग्रह (फिलाटेली) के एक यादगार रिकॉर्ड के रूप में रहेगा। इसमें आम के बागों और माज़ा की जानी-मानी बोतल से प्रेरित एक चित्र के जरिए भारतीय आम के साथ माज़ा के गहरे जुड़ाव को दर्शाया गया है। ‘सेलिब्रेटिंग 50 ईयर्स ऑफ मैंगो इन ए बॉटल’ नाम का यह डिज़ाइन ब्रांड की पांच दशकों की यात्रा को नमन करने के साथ-साथ इसके पीछे जुड़े किसान समुदाय का भी सम्मान करता है।
इस अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने कहा, “भारत ने खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है और अब हमारी अगली प्राथमिकता बुनियादी ढांचे को मजबूत करके तथा किसानों के लिए बाजार के नए अवसर पैदा करके खाद्य प्रसंस्करण के जरिए अधिक मूल्य सृजित करना है। हमारे किसान हमारे अन्नदाता हैं और कृषि वैल्यू चेन को मजबूत करने का हर प्रयास उनके भविष्य में निवेश जैसा है। माज़ा जैसे देशी बेवरेज ब्रांड को किसानों का समर्थन करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने के साथ-साथ देश के पसंदीदा फल आम के असली स्वाद को करोड़ों घरों तक पहुँचाकर इस विरासत का जश्न मनाते देखना बेहद उत्साहजनक है। डाक विभाग द्वारा जारी यह विशेष लिफाफा भारत की आम विरासत और इसे बनाए रखने वाले किसानों को एक भावपूर्ण सम्मान है।”
कोका-कोला इंडिया एंड साउथ-वेस्ट एशिया के वाइस प्रेसिडेंट– इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स, संदीप बाजोरिया ने कहा, “पिछले पांच दशकों से माज़ा ने अल्फोंसो सहित भारतीय आमों का असली स्वाद करोड़ों उपभोक्ताओं तक पहुँचाया है, जिससे देश का यह पसंदीदा फल साल भर उपलब्ध रहता है। स्वादिष्ट भारतीय आमों की मिठास और गुणों से भरपूर माज़ा ने कई पीढ़ियों के उपभोक्ताओं के साथ एक अटूट रिश्ता बनाया है। इसके साथ ही, कंपनी ने फसल की खरीद, तकनीकी सहायता और वैल्यू चेन पार्टनरशिप के माध्यम से भारतीय किसान परिवारों का भी लगातार सहयोग किया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारी एक कुशल व्यवस्था का प्रमाण है, जो फसल की खरीद और प्रोसेसिंग से लेकर बॉटलिंग और वितरण तक यह सुनिश्चित करती है कि हमारे उत्पाद देश भर के उपभोक्ताओं तक पहुँचें। डाक विभाग द्वारा जारी यह विशेष लिफाफा इस साझा यात्रा और उस पूरे तंत्र को सम्मानित करता है जिसने पिछले 50 वर्षों में इसे संभव बनाया है।”
एसएलएमजी बेवरेजेस के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर पारितोष लधानी ने कहा, “माज़ा की हर बोतल के पीछे किसानों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, ट्रक ड्राइवरों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स की एक मजबूत वैल्यू चेन काम करती है, जो हर दिन मिलकर प्रयास करती है। हमें इस बात पर गर्व है कि हम एक भरोसेमंद और कुशल सप्लाई चेन के जरिए करोड़ों उपभोक्ताओं तक आम का असली स्वाद पहुँचाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। माज़ा के 50 साल पूरे होने पर यह सम्मान उस पूरे सिस्टम से जुड़े हर उस व्यक्ति का है, जिनकी मेहनत ने माज़ा को पूरे भारत में घर-घर की पहचान बनाया है।”
यह विशेष लिफाफा माज़ा के स्वर्ण जयंती समारोह की कड़ी को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत राष्ट्रीय अभियान “50 साल से, सिप-सिप में आम” की शुरुआत की गई थी। यह लिफाफा भारत के राष्ट्रीय फल और इससे जुड़े मेहनती किसानों के साथ ब्रांड के 50 साल पुराने रिश्ते को एक खास सम्मान देता है।