जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित

अजमेर, 28 जुलाई। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने, मृत्यु दर को न्यूनतम करने तथा सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना की तैयारी, क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि जयपुर से अजमेर एन्ट्री पर फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर दस्तावेज तैयार किए जाए। पाटन गांव हाईवे के दोनों ओर स्थित होने से गांव के लोगों का आवागमन रहने के कारण व हाईवे के मध्य बड़ा कट होने के कारण दुर्घटना होने की सम्भावना रहती है। पुष्कर थाना क्षेत्र में नागौर हाईवे पर तिलोरा के पास कडैल चौराहा होने के कारण एक्सीडेन्ट जोन तथा नौसर घाटी में विशेष तौर पर सड़क की चौड़ाईकरण तथा खाई की तरफ दीवार को मजबूत एवं बड़ा बनावाने तथा दीवार पर सफेद रेडियम पेन्ट करवाने पर विचार विमर्श किया गया।

इंजीनियरिंग सुधारों की समीक्षा के दौरान उन्होंने उच्च जोखिम वाले मार्गों पर रोड सेफ्टी ऑडिट कराने, विद्यालयों के आसपास सुरक्षित स्कूल जोन विकसित करने तथा प्रमुख जंक्शनों पर यातायात सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे जिले में दृश्यता सुधार, साइनेज, रोड मार्किंग एवं अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रखने को कहा। नए पुष्कर बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर दुर्घटना रोकने के लिए उपखण्ड़ अधिकारी अजमेर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी के द्वारा सुधारात्मक उपायों के बारे में सुझाव दिए जाएगें।

बैठक में शिक्षा एवं जनजागरूकता गतिविधियों पर विशेष जोर देते हुए स्कूलों, कॉलेजों एवं आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों में रोड़ सेफ्टी क्लब गठन, कॉलेजों में हेलमेट अनिवार्यता तथा सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित करने को निर्देशित किया।

जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गड्ढों की मरम्मत एवं खुले जल निकासों की बैरिकेट्स के सम्बन्ध में सरकार से प्राप्त निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए। सड़कों के पास खुले मेनहॉल, नालियों तथा जल निकासों सहित असुरक्षित स्थानों को रात्रि दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टर टेप के साथ-साथ संकेतक लगाकर बैरिकेटिंग करे। पैदल यात्री सुरक्षा के लिए सड़क परिसम्पितियों का रखरखाव भारतीय रोड़ कांग्रेस के मानकों के अनुरूप हो।

उन्होंने कहा कि स्थानीय वाहन चालकों की नेत्र जाँच कर चश्में वितरण का कार्य टेक्सी, ट्रक एवं बस ऑपरेटर यूनियन के साथ समन्वय करके करें। जयपुर रोड़ पर से अवैध कट हटाने की कार्यवाही की जाए। रोडवेज बस स्टैण्ड से अशोक उद्यान तक एवं वैशाली नगर आनासागर सक्र्यूलर रोड़ के अवैध कटों एवं स्पीड ब्रेकर्स को हटाने की कार्यवाही करें। इन कटों को प्रारम्भ में अस्थायी तौर पर परीक्षण के रूप में बंद करके उपयोगिता जाँची जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा कार्ययोजना को इलेक्ट्रॉनिक दुर्घटना डाटाबेस के विश्लेषण के आधार पर तैयार किया जाए। इससे दुर्घटनाओं के कारणों, स्थानों एवं समय का वैज्ञानिक आकलन कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने सेफ सिस्टम अप्रोच के तहत प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, शिक्षा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े समन्वित प्रयासों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। नसीराबाद रोड़ के कार्य में तेजी लाई जाए। घायलों को दुर्घटना के तत्काल बाद अस्पताल पहुँचाने वाले गुड सेमेटेरियन को राहवीर योजना से जोड़ा जाना चाहिए।

बैठक में सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का चरणबद्ध तरीके से निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसमें अल्पकालीन साइनज, मार्किंग, मध्यमकालीन लाइटिंग, बैरियर एवं दीर्घकालीन ज्यामितीय सुधार उपाय शामिल होंगे। दुरस्त किए गए ब्लेक स्पॉट की निरन्तर मॉनिटरिंग करने से भविष्य में दुर्घटनों की संभावना में कमी होगी। प्रवर्तन गतिविधियों को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाना एवं गलत दिशा में वाहन संचालन जैसे फेटल फाइव उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा। ब्लैक स्पॉट्स एवं स्कूल जोन में विशेष निगरानी रखते हुए नियमित चालान कार्यवाही एवं अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक श्री हर्ष वर्धन अगरवाला ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस जाब्ते की माँग कम से कम एक सप्ताह पहले करे। इसके लिए सम्बन्धित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से सम्पर्क किया जाए। फ्लाई ओवर बनाते समय बाई लाइन सड़क बनाने से यातायात सुगम होगा। श्रावण मास में कावड़िया एवं सहस्त्र धारा वाले पैदल श्रद्धालुओं के लिए सड़क सुविधा जनक होनी चाहिए। पुष्कर घाटी की सड़क पर पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय करें।

इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता श्री राजेश कुमार शर्मा, सहायक अभियंता सहित परिवहन, नगर निगम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अजमेर विकास प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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