गुरु स्वरूप बनकर दीं आकर्षक प्रस्तुतियां
ब्यावर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वर्द्धमान रूट्स स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्ले ग्रुप के नन्हे विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा को सजीव रूप दिया। बच्चों ने विभिन्न गुरु स्वरूप धारण कर प्रस्तुतियां दीं और गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में अभिभावकों की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या श्वेता नाहर ने गुरु तिलक के साथ की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के साथ बच्चों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन और संस्कार विकसित करना विद्यालय की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में बच्चों ने संत, शिक्षक और विभिन्न प्रेरणादायी गुरु स्वरूपों में मंच पर प्रस्तुति दी। नन्हे विद्यार्थियों की वेशभूषा, आत्मविश्वास और सहज अभिव्यक्ति ने उपस्थित अभिभावकों व शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि गुरु केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं होते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की नींव भी रखते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार आधारित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।