मुंबई अगस्त 2026: भारत में फेस्टिव शॉपिंग का सफ़र बदल रहा है और इसके साथ मार्केटर्स की भूमिका को भी बदलने की ज़रूरत है। GWI और स्नैपचैट की नई रिसर्च से सामने आया है कि फेस्टिव खरीदारी का सफ़र अब सिर्फ़ डिस्कवरी तक सीमित नहीं है। जहाँ क्रिएटर्स और कंटेंट उपभोक्ताओं को नए प्रोडक्ट्स एक्सप्लोर करने के लिए प्रेरित करते हैं, वहीं खरीदारी के फैसले तेजी से उनके भरोसेमंद दोस्तों और परिवार के साथ होने वाली बातचीत से प्रभावित हो रहे हैं। मार्केटर्स के लिए इसका मतलब है कि फेस्टिव सीज़न में सफलता सिर्फ़ अवेयरनेस बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन महत्वपूर्ण पलों में उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने पर भी निर्भर करती है, जो अंततः उनके खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करते हैं।
रिसर्च से यह भी सामने आया है कि Gen Z के लिए फेस्टिव सीज़न अब खरीदारी के किसी एक मौके तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह डिस्कवरी, इंस्पिरेशन और खरीदारी के फैसलों से जुड़ा एक लंबा सीज़न बन चुका है। ऐसे में ब्रांड्स के पास उपभोक्ताओं से जुड़ने के कई अवसर हैं, बजाय इसके कि वे सिर्फ़ एक पीक शॉपिंग मोमेंट को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार करें।
GWI के चीफ़ इनसाइट ऑफिसर जेसन मांडर ने कहा: “इस रिसर्च में सबसे खास बात यह है कि फेस्टिव शॉपिंग का सफ़र किस तरह बदल गया है। अब यह किसी बड़े शॉपिंग वीकेंड के आसपास एक ही मौके को साधने तक सीमित नहीं है। Gen Z के लिए यह एक लंबा सीज़न है, जिसमें लगभग 10 में से 4 लोग अपनी दिवाली की खरीदारी की योजना एक महीने या उससे भी पहले से बनाना शुरू कर देते हैं, जबकि इतने ही लोग प्लानिंग के साथ–साथ बीच–बीच में इम्पल्स खरीदारी भी करते हैं। और किसी प्रोडक्ट की खोज हो जाने के बाद भी खरीदारी का फैसला शायद ही कभी अकेले लिया जाता है — ज़्यादातर Gen Z शॉपर्स पहले दोस्तों और परिवार से भरोसा और राय लेते हैं। ब्रांड्स के लिए यह इस बात में एक महत्वपूर्ण बदलाव है कि उन्हें उपभोक्ताओं तक कब और कैसे पहुंचना चाहिए। और वास्तविक लोगों के वास्तविक व्यवहार को समझने पर ही ऐसे पैटर्न सामने आते हैं, जो धारणाओं और पूर्वाग्रहों से कहीं आगे जाते हैं।”
इनर सर्कल खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करता है : रिसर्च के मुताबिक, फेस्टिव शॉपिंग के सफ़र में अब भरोसा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जहाँ प्रोडक्ट डिस्कवरी अभी भी अहम है, वहीं खरीदारी के फैसले तेजी से उपभोक्ताओं के इनर सर्कल – यानी उन भरोसेमंद दोस्तों और परिवार के सदस्यों – से मिलने वाली राय और आश्वासन से प्रभावित हो रहे हैं, जिनसे वे खरीदारी से पहले सलाह लेते हैं।
10 में से 7 Gen Z उपभोक्ता कहते हैं कि क्रिएटर कंटेंट उन्हें नए प्रोडक्ट्स खोजने में मदद करता है।¹ लेकिन जब बात यह तय करने की आती है कि क्या खरीदना है, तो भरोसेमंद लोगों के साथ होने वाली बातचीत की भूमिका अलग और महत्वपूर्ण हो जाती है: 76% का कहना है कि भरोसेमंद लोगों से तुरंत मिलने वाला फीडबैक उन्हें खरीदारी के फैसले को लेकर अधिक आश्वस्त करता है। 63% खरीदारी करने से पहले प्रोडक्ट्स को दोस्तों या परिवार के साथ शेयर करते हैं। 10 में से 4 Gen Z उपभोक्ता खरीदारी से पहले सक्रिय रूप से राय या सलाह लेते हैं।
मार्केटर्स के लिए इसका मतलब: ब्रांड्स के लिए फेस्टिव मार्केटिंग अब सिर्फ़ डिस्कवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन बातचीत का हिस्सा बनने के बारे में भी है जो अंतिम खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करती हैं।
जब Gen Z फेस्टिव खरीदारी से पहले अपने इनर सर्कल की राय लेता है, तो स्नैपचैट एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनकर उभरता है जहाँ ये बातचीत स्वाभाविक रूप से होती हैं। यह ब्रांड्स को उन महत्वपूर्ण पलों का हिस्सा बनने का अवसर देता है, जहाँ उपभोक्ताओं का भरोसा बनता है और वे खरीदारी का फैसला लेने के लिए आश्वस्त होते हैं।
75% Gen Z Daily Snapchatters इस बात से सहमत हैं कि वे किसी प्रोडक्ट के बास्केट में होने के दौरान स्नैपचैट पर अपने दोस्तों से उस खरीदारी के बारे में बात करते हैं। 67% Gen Z Daily Snapchatters का कहना है कि फेस्टिव सीज़न के दौरान स्नैपचैट उन्हें अपने खरीदारी के फैसलों को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करने में मदद करता है।40% Gen Z Daily Snapchatters का कहना है कि स्नैपचैट पर देखी या शेयर की गई चीज़ों ने उन्हें दूसरों के साथ कोई प्रोडक्ट शेयर करने के लिए प्रेरित किया है।
फेस्टिव सीज़न कई पलों से मिलकर बना है, यह किसी एक जश्न तक सीमित नहीं है: इस धारणा के विपरीत कि फेस्टिव शॉपिंग का सबसे बड़ा दौर दिवाली के आसपास आता है, रिसर्च से पता चलता है कि Gen Z इसकी तैयारी काफी पहले से शुरू कर देता है।
70% Gen Z का मानना है कि फेस्टिव सीज़न किसी एक शॉपिंग मोमेंट के बजाय कई अलग-अलग सेलिब्रेशन से मिलकर बना है। 10 में से लगभग 4 Gen Z दिवाली की तैयारी एक महीने से भी पहले शुरू कर देते हैं।
Gen Z प्लानिंग और इम्पल्स शॉपिंग, दोनों करता है ।41% Gen Z का कहना है कि उनकी अधिकांश खरीदारी पहले से प्लान की गई होती है। वहीं, 40% Gen Z कुछ खरीदारी पहले से प्लान करते हैं, लेकिन साथ ही अचानक यानी इम्पल्स में भी खरीदारी करते हैं।
मार्केटर्स के लिए इसका मतलब: यह स्पष्ट है कि फेस्टिव कैंपेन अब सिर्फ़ किसी एक पीक वीकेंड को ध्यान में रखकर नहीं बनाए जा सकते। ब्रांड्स को पूरे विस्तारित फेस्टिव सीज़न में उपभोक्ताओं के साथ जुड़ने और डिस्कवरी से लेकर बातचीत और खरीदारी के फैसले तक प्रासंगिक बने रहने की ज़रूरत है।
स्नैपचैट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ Gen Z फेस्टिव मौकों को सेलिब्रेट करने, साझा करने और अपनों से जुड़े रहने आता है, जिससे ब्रांड्स को डिस्कवरी से लेकर बातचीत और खरीदारी के फैसले तक उपभोक्ताओं के साथ जुड़े रहने का अवसर मिलता है। एक-तिहाई Gen Z फेस्टिव सीज़न के दौरान स्नैपचैट का इस्तेमाल पलों को शेयर करने, जश्न मनाने और दूसरों के साथ जुड़े रहने के लिए करते हैं। 78% Daily Snapchatters इस बात से सहमत हैं कि स्नैपचैट वह जगह है जहाँ वे अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ फेस्टिव पल शेयर करते हैं। 49% Daily Snapchatters खरीदारी से जुड़ी सलाह के लिए दोस्तों या परिवार से राय लेते हैं।
रिश्ते पहले, रिटेल बाद में: Gen Z के लिए फेस्टिव सीज़न सबसे पहले उन लोगों के साथ जश्न मनाने और जुड़ने के बारे में है जो उनके लिए मायने रखते हैं। ऐसे में शॉपिंग इन सामाजिक पलों से अलग कोई गतिविधि नहीं, बल्कि इन्हीं साझा अनुभवों का हिस्सा बनकर सामने आती है।
फेस्टिव सीज़न में रियल-लाइफ़ कनेक्शंस सबसे आगे – 65% Gen Z का कहना है कि फेस्टिव सीज़न के दौरान वे साल के बाकी समय की तुलना में परिवार के साथ अधिक समय बिताते हैं। Gen Z अन्य करीबी रिश्तों को भी प्राथमिकता देता है: 47% दोस्तों के साथ समय बिताते हैं और 43% दूसरों के लिए गिफ्ट खरीदते हैं। 40% सेलिब्रेशन या गेदरिंग्स में शामिल होते हैं – Daily Snapchatters में यह 16% अधिक है।
सोशल मीडिया सिर्फ़ स्क्रॉलिंग नहीं, कनेक्ट करने का ज़रिया है: 77% Gen Z फेस्टिव सीज़न के दौरान सोशल मीडिया पर सबसे अधिक परिवार के सदस्यों के साथ इंटरैक्ट करते हैं, जिसके बाद करीबी दोस्तों का नंबर आता है (76%)। परिवार से जुड़ना फेस्टिव सीज़न में सोशल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा कारण है (63%), जिसके बाद करीबी दोस्तों के साथ पल शेयर करना (52%) आता है।
स्नैपचैट Gen Z के फेस्टिव अनुभवों के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ता है : करीबी रिश्तों और साझा पलों पर केंद्रित होने के कारण, स्नैपचैट स्वाभाविक रूप से Gen Z के फेस्टिव अनुभव का हिस्सा बनता है। 78% Daily Snapchatters कहते हैं कि स्नैपचैट वह जगह है जहाँ वे अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ फेस्टिव पल शेयर करते हैं। 43% Gen Z Daily Snapchatters ने स्नैपचैट पर दोस्तों से खरीदारी को लेकर राय मांगी है। 42% Gen Z Daily Snapchatters ने खरीदारी के दौरान दोस्तों की राय जानने के लिए उन्हें Snap भेजा है।
स्नैप इंक. इंडिया के लीड – ऐड सॉल्यूशंस, यज्ञेश रवि ने कहा : “कई वर्षों से फेस्टिव विज्ञापन का फोकस विज़िबिलिटी पर रहा है। लेकिन इस रिसर्च से पता चलता है कि अगला बड़ा अवसर भरोसा जीतने में है। Gen Z खरीदारी के फैसले अकेले नहीं लेता — वे उन लोगों के साथ इन फैसलों पर चर्चा करते हैं, उन्हें लेकर राय लेते हैं और शेयर करते हैं, जिन पर वे भरोसा करते हैं। चूंकि स्नैपचैट करीबी रिश्तों और विज़ुअल कम्युनिकेशन पर आधारित है, इसलिए ब्रांड्स के पास इन निर्णय लेने वाले पलों का हिस्सा बनने का अवसर है, न कि केवल डिस्कवरी के चरण में मौजूद रहने का। यह एक अलग भूमिका है, जो फेस्टिव मार्केटिंग को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बना सकती है।”
मुख्य रूप से कंटेंट कंजम्पशन के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म्स से अलग, स्नैपचैट करीबी दोस्तों और परिवार के बीच कम्युनिकेशन पर केंद्रित है – और यही बातचीत फेस्टिव खरीदारी के फैसलों को तेजी से प्रभावित कर रही है। फैशन, ब्यूटी, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और क्विक कॉमर्स जैसी कैटेगरी में भी स्नैपचैट उन अहम पलों में अपनी मजबूत भूमिका दर्ज करता है, जब Gen Z नए प्रोडक्ट्स से प्रेरित होता है, उन्हें शेयर करता है, राय लेता है और अंतिम खरीदारी का फैसला करता है।
जब उपभोक्ता डिस्कवरी से आगे बढ़कर प्रोडक्ट का मूल्यांकन करते हैं, तो स्नैपचैट ब्रांड्स को Sponsored Snap, AR Lenses, Interactive Videos और हाल ही में लॉन्च किए गए ‘Promoted Places’ जैसे एड फॉर्मैट्स के जरिए इन भरोसेमंद बातचीत का हिस्सा बनने का अवसर देता है। ये फॉर्मैट्स ब्रांड्स को Snap Map पर मौजूद रहने और उन पलों में Gen Z से जुड़ने में मदद करते हैं, जब वे साथ में कुछ नया खोज रहे होते हैं, शेयर करते हैं और खरीदारी के फैसले लेते हैं।