पटना। रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में चंदेश्वर चौधरी की हत्या के मामले को लेकर बहुजन शोषित समाज संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी रोजगार देने की मांग की। इस दौरान प्रेस कांफ्रेंस में पीड़ित के परिजन और चश्मदीद भी मौजूद रहे।
अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि चंदेश्वर चौधरी को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर की तरह काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि उनसे काम तो कराया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया और उन्हें किसी दूसरी जगह काम करने से भी रोका जा रहा था। जब चंदेश्वर दूसरी जगह काम करने जाने लगे तो उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में आनन – फानन में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन उनका आरोप है कि प्रशासन पीड़ित परिवार के बजाय कथित तौर पर शोषण करने वालों को संरक्षण दे रहा है।
अनिल कुमार ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक निलंबित पदाधिकारी को जानबूझकर वहां तैनात किया गया है और गरीब एवं कमजोर परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़ित परिवार को किसी तरह का समझौता नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों ने भी अपनी आपबीती सुनाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने बताया कि मामले में न्याय की गुहार को लेकर डीजीपी महोदय से मिले, जहाँ उन्होंने हमें आश्वासन दिया। मौके पर पत्रकारों को स्वर्गीय चन्देश्वर चौधरी के बेटे दीपक कुमार और घटना के चश्मदीद गवाह केदार चौधरी ने भी मीडिया से पूरी घटना का जिक्र विस्तार से किया और सरकार से न्याय की गुहार लगये.
इस दौरान अनिल कुमार ने कहा कि गरीब और कमजोर परिवारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा, मुआवजा और रोजगार सुनिश्चित किया जाए।