भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक होने वाले भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट) 2026 से पूर्व निवेश को गति देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा भागीदारों को एक साथ लाने का प्रयास
जयपुर, अगस्त, 2026– नवंबर से पहले देशव्यापी आउटरीच अभियान शुरू करते हुए विश्व के सबसे बड़े अक्षय ऊर्जा समिट एवं एक्सपो भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट), 2026 के लिए क्षेत्रीय रोडशो की सीरीज में प्रथम रोडशो के तहत सरकार, उद्योग और अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों से प्रमुख भागीदार आज जयपुर में एकत्रित हुए। भारत के 2030 तक 500 गीगावाट की गैर जीवाष्म ईंधन क्षमता हासिल करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ने के साथ यह उद्घाटन कार्यक्रम बड़े पैमाने पर वैश्विक गठबंधन की नीव रखता है।
स्वच्छ ऊर्जा क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में से एक राजस्थान, विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के जरिए भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक ताकतवर मॉडल है। नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस रोडशो में राजस्थान सरकार, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (आरआरईसीएल), इंडियन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईडब्लूटीएमए), विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (डब्लूआईपीपीए) और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स डेवलपर्स एसोसिएशन (एसपीडीए) से प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के साथ साथ इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) असेंबली और चौथी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्रीन हाइड्रोजन (आईसीजीएच) का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग, निवेशक और नवप्रवर्तक एक साझा मंच पर साथ आएंगे।
अपने उद्घाटन संबोधन में आरआरईसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री रोहित गुप्ता ने स्वच्छ ऊर्जा में तेजी लाने के लिए इस राज्य की रणनीतिक रूपरेखा रेखांकित की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान परंपरागत सौर प्रणाली से आगे बढ़कर विंड सोलर, हाइब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते हरित ईंधन के लिए एक बहुत अनुकूल निवेश माहौल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
स्वागत भाषण के दौरान, आईडब्लूटीएमए के सचिव श्री दिनेश जगदले ने भारत आरई समिट के महत्व पर जोर देते हुए यह उल्लेख किया कि यह समिट खास तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों,
निवेशकों, वित्त प्रदाताओं, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स और उद्योग संगठन को जोड़ने वाली एक व्यवस्थित बातचीत के लिए डिजाइन किया गया है ताकि भारत की अक्षय ऊर्जा का अगला चरण वैश्विक साझीदारी पर निर्मित हो।
डब्लूआईपीपीए के कोषाध्यक्ष एवं यनारा के सीईओ श्री नवीन खंडेलवाल ने इस आयोजन का महत्व रेखांकित करते हुए कहा, “इस पहले रोडशो के मेजबान के तौर पर डब्लूआईपीपीए इस महत्वपूर्ण आयोजन पूर्व संवाद का स्वागत करता है। पवन ऊर्जा, दिन के समय होने वाले सौर ऊर्जा उत्पादन का पूरक है और यह चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति बनाए रखने में मदद करती है। भारत में बीआरई समिट का आयोजन करना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए हम राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इन्हें आवश्यक व्यावसायिक स्थितियों से जोड़ते हैं।”
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक बड़े कीर्तिमान की घोषणा कर भारत की देशव्यापी प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया। भारत ने गैर जीवाष्म ईंधन क्षमता के लिए 300 गीगावाट की सीमा आधिकारिक तौर पर पार कर ली है। 31 जुलाई, 2026 तक दर्ज 300.50 गीगावाट उत्पादन के साथ भारत के कुल बिजली उत्पादन में इसका योगदान 54 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। इस तरह से 2030 के लिए 500 गीगावाट के लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक हासिल कर लिया गया है।
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री राजेश कुलहरि ने कहा, “भारत का स्वच्छ ऊर्जा की ओर रुख एक साझा राष्ट्रीय मिशन है जो राजस्थान जैसे संसाधन संपन्न राज्यों के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है। हमारी गैर-जीवाष्म ईंधन क्षमता के 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर लेने के बाद इस तरह के क्षेत्रीय रोडशो, राज्यों की क्षमताओं को राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 पूरी मूल्य श्रृंखला को एक ही छत के नीचे लाएगा। यह नीतिगत उद्देश्य को बैंकेबल परियोजनाओं में तब्दील करने, सीमा पार निवेश और प्रौद्योगिकी साझीदारी के लिए एक विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा।”
उद्योग के साथ सहयोग मजबूत करने के लिए जयपुर रोडशो में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की भागीदारी बढ़ाना और बीआरईएसई 2026 की रणनीतिक रूपरेखा को प्रदर्शित करना था। इस कार्यक्रम में दो खास फिल्में- भारत की अक्षय ऊर्जा यात्रा और बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 दिखाई गईं जिनमें स्वच्छ ऊर्जी की तरफ बढ़ने के भारत के सफर को दिखाया गया और नई दिल्ली में होने वाले समिट की एक व्यापक झलक दिखाई गई।
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के वैज्ञानिक श्री पी.के. दास ने रणनीतिक उद्देश्य, मुख्य विषयों और वैश्विक एवं घरेलू कंपनियों के लिए प्रस्तावित भागीदारी रूपरेखा को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके बाद, मूल उपकरण विनिर्माताओं, प्रोजेक्ट डेवलपर्स और निवेशकों के लिए व्यवसाय के अवसरों और कॉमर्शियल इंगेजमेंट मॉडलों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया।
साथ ही आधिकारिक बीआरईएसई डिजिटल पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन का लाइव वॉकथ्रू और प्रदर्शन भी किया गया। सत्र का समापन करते हुए एसपीडीए के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य श्री रवि वर्मा ने सभा को संबोधित किया और इस समिट के सहयोगात्मक विजन को आगे बढ़ाने की इस उद्योग की प्रतिबद्धता रेखांकित करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
रोडशो सीरीज एवं देशव्यापी पहुंचः जयपुर में आयोजित कार्यक्रम, क्षेत्रीय स्तर पर गतिशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए एक देशव्यापी आउटरीच अभियान की सफल शुरूआत का प्रतीक है। आगामी रोडशो आने वाले सप्ताहों में मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, बेंगलुरु और कोलकाता में प्रस्तावित हैं। यह मंत्रालय और आयोजक साझीदार सभी राज्य सरकारों, जन उपयोगी सेवाएं देने वाली कंपनियों और उद्योग के भागीदारों को इन आगामी क्षेत्रीय सत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।