वेशभूषा एवं झांकी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों ने भी दिखाई प्रतिभा
ब्यावर। श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री नृसिंह अग्रसेन स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया। कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी से कक्षा पाँचवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जन्माष्टमी के अवसर पर नन्हे विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण, राधा, बलराम, गोप एवं गोपियों की मनमोहक वेशभूषा में विद्यालय पहुँचे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों के दौरान विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में आयोजित वेशभूषा एवं झांकी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता में श्रीमती टीना चौहान ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की वेशभूषा, प्रस्तुति, रचनात्मकता एवं विषयानुरूपता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
वेशभूषा प्रतियोगिता के परिणामों में प्ले ग्रुप में हार्दिक जांगिड़ ने प्रथम, हिम्मत चौधरी ने द्वितीय तथा तेजस प्रजापति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नर्सरी में लक्ष्य प्रथम, कोम्या द्वितीय तथा कार्तिक तृतीय रहे। एल.के.जी. में हृदयांशी साहू ने प्रथम, उदयवर्धन ने द्वितीय तथा भव्य गहलोत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं एच.के.जी. में कृषिका खत्री ने प्रथम, कृतिका चौहान ने द्वितीय तथा नित्यांश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित झांकी प्रतियोगिता में अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें कक्षा प्रथम के विद्यार्थी जिनेश की माताजी मीना जी ने प्रथम, एच.के.जी. के विद्यार्थी नित्यांश की माताजी मधु जी ने द्वितीय तथा कक्षा पाँचवीं के विद्यार्थी कृष्णा की माताजी पूनम जी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, कर्म, अनुशासन, प्रेम और सदाचार का संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा शिक्षा के साथ संस्कारों को भी महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए अपने माता-पिता, गुरुजनों, विद्यालय एवं समाज का नाम रोशन करें।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. निवेदिता पाठक ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों एवं शिक्षाओं से परिचित कराया तथा जन्माष्टमी के पर्व की शुभकामनाएँ दीं। शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। जन्माष्टमी समारोह ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं संस्कारों के प्रति रुचि और सम्मान की भावना को मजबूत किया।