नई दिल्ली । भारतीय रंगमंच केवल मंच पर अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और विचारों का जीवंत दस्तावेज़ है। इसी परंपरा को साकार रूप दिया रूबरू थिएटर और विजय सूरी फाउंडेशन ने, जब दिल्ली के मंडी हाउस स्थित ब्लैंक कैनवस सभागार में दो दिवसीय 8वाँ विजय सूरी राष्ट्रीय थिएटर महोत्सव और 4th नैशनल एक्सीलेंस अवार्डस का आयोजन किया गया। साहित्य, संस्कृति व भाषा के संरक्षण का उद्देश्य लेकर रूबरू थिएटर ग्रुप ने पूरे भारत में सैकड़ो शोकिए हैं।रुबरु थिएटर ग्रुप अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों द्वारा समाज के साथ खड़ा है और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता के प्रसार के लिए प्रतिबद्ध और सृजनरत है। रूबरू की सभी प्रोडक्शंस न केवल व्यापक रूप से सराही गई बल्कि नाटकों की गुणवत्ता के लिए भी समीक्षकों द्वारा प्रशंसित की गई। इस ग्रुप द्वारा समय समय पर विविध आयोजन किए जाते रहे हैं।
वर्ष 2023 में रूबरू थिएटर ने अपने दस वर्ष पूरे किए। इस यादगार अवसर पर विजय सूरी राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान की घोषणा हुई । साथ ही नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 25 विजय सूरी फाउंडेशन द्वारा किया गया। इस वर्ष डॉ. दिलीप को लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु, डॉ.सरला मेहता को चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु एवं सुश्री निरुपमा वर्मा मीडिया और थिएटर के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु दिया गया। ये सम्मान केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं हैं, बल्कि एक सतत प्रेरणा हैं कि कला और सृजन की यह ज्योति पीढ़ी दर पीढ़ी जलती रहे।इन विभूतियों का सम्मान यह दर्शाता है कि कला और संस्कृति का सार केवल रंगमंच तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता ही उसका वास्तविक विस्तार है।