एमडीएसयू के फार्मेसी विभाग में विद्यार्थियों द्वारा आयोजित फ्रेशर्स पार्टी में कुलगुरु ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया प्रेरणादायी संदेश
अजमेर, 29 सितंबर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागतार्थ फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी किसी संस्थान में केवल शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रवेश नहीं लेते, बल्कि वे उस संस्थान की आत्मा, विचारधारा और मूल्यों से जुड़ते हैं। संस्थान में बिताए गए वर्षों के दौरान अर्जित ज्ञान, कौशल, दक्षता, आचरण एवं संस्कार ही विद्यार्थियों की वास्तविक पहचान बनते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रत्येक विद्यार्थी संस्थान का आजीवन ब्रांड एंबेसडर होता है। जब कोई विद्यार्थी स्वयं का परिचय महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के विद्यार्थी के रूप में देता है, तो उसके व्यक्तित्व, व्यवहार, कार्यकुशलता और नैतिक मूल्यों में विश्वविद्यालय की छवि प्रतिबिंबित होनी चाहिए। विद्यार्थियों को अपने आचरण एवं उपलब्धियों के माध्यम से संस्थान की प्रतिष्ठा को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। फार्मेसी शिक्षा के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कुलगुरु ने कहा कि वर्तमान समय में फार्मेसी का अध्ययन केवल औषधियों की मात्रा, संरचना एवं उपयोग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें रोगी की मनोवैज्ञानिक स्थिति, संवेदनाओं और मानवीय आवश्यकताओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। औषधि के साथ रोगी की मनोदशा एवं उसकी परिस्थितियों को समझना एक संवेदनशील और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत में अपेक्षाकृत सस्ती औषधियां उपलब्ध होना एक महत्वपूर्ण विशेषता है, लेकिन फार्मेसी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए इससे आगे बढ़कर नए आयामों पर कार्य करने की आवश्यकता है। फार्मेसी के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को रोगी-केंद्रित सेवाओं, आयुर्वेद तथा औषधि विज्ञान के अन्य संभावित क्षेत्रों में नवाचार और अनुसंधान की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रो. अग्रवाल ने विभाग के शिक्षकों से आह्वान किया कि वे फार्मेसी शिक्षा के विस्तार और नवाचार के लिए नए अवसरों की पहचान करें, ताकि विभाग राज्य में अपनी अग्रणी पहचान को और सुदृढ़ करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट स्थान प्राप्त कर सके। विद्यार्थियों के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुभाष चंद्र तथा फार्मेसी विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद पारीक सहित विभाग के संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।