जयपुर, अक्टूबर 2026- डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट (डीईटी) ने अपनी शुरुआत के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर (जेईसीआरसी) में एक छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के जरिए वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने में अंग्रेजी भाषा की दक्षता की भूमिका पर चर्चा की गई। इसमें विद्यार्थी, शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम में 2,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान वैश्विक शिक्षा में अंग्रेजी भाषा की दक्षता के महत्व, विद्यार्थियों की आकांक्षाओं और भाषा कौशल से मिलने वाले अवसरों पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों के अनुभवों, परिचर्चा और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह बताया गया कि अंग्रेजी दक्षता परीक्षा तक आसान पहुंच विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और भविष्य की अन्य संभावनाओं के लिए तैयार करने में किस तरह मददगार हो सकती है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण छात्र संवाद रहा, जिसमें अनाहीज़ पटेल ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इस वर्ष न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) से एमबीए की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने बताया कि डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट के माध्यम से उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने और अमेरिका में अपनी उच्च शिक्षा संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने में किस तरह मदद मिली। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने में अंग्रेजी भाषा की दक्षता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, उन्होंने बताया कि सही अवसर और मार्गदर्शन विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।
डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट की मार्केटिंग डायरेक्टर तारा कपूर के संचालन में एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने विदेश में उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, अंग्रेजी भाषा की दक्षता और अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार करने के इच्छुक विद्यार्थियों की आकांक्षाओं पर चर्चा की।
इस उपलब्धि पर डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट, भारत की मार्केटिंग लीड दिव्या राव ने कहा, “दस साल पहले हमने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और विश्वस्तरीय शिक्षा के बीच आने वाली बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से अपनी यात्रा शुरू की थी। आज डुओलिंगो इंग्लिश टेस्ट को दुनियाभर के 6,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में मान्यता प्राप्त है। यह विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा के अवसरों तक पहुंचने और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। अगले दशक में प्रवेश करते हुए भी हम अंग्रेजी दक्षता परीक्षा को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि नई पीढ़ी के विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल कर सकें।”
कार्यक्रम में तकनीकी नवाचार को भी प्रोत्साहित किया गया। इसके तहत आयोजित टेक शोकेस में आर्यन कुमार, आरव कुलश्रेष्ठ, आदित्य शर्मा और तन्मय श्रीवास्तव ने अपने द्वारा विकसित एक ऐप प्रस्तुत किया। यह ऐप विद्यार्थियों को अपने कैंपस में घूमकर अलग-अलग ‘डुओ’ खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें शब्दों की पहचान और वाक्य पूरे करने से जुड़ी इंटरैक्टिव चुनौतियां भी शामिल हैं। इस प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, पहल और तकनीकी नवाचार के प्रति उनके उत्साह को सामने लाया गया।