बैंकॉक में अजमेर की साहित्यिक पताका बुलंद

अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान की लेखिकाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुआ सम्मान*
थाईलैंड में हिंदी, गीतों और ग़ज़लों से बिखेरी भारतीय संस्कृति की छटा
अजमेर। अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान की आठ महिला साहित्यकारों ने बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम में सहभागिता कर अजमेर और राजस्थान का गौरव बढ़ाया। 18 अक्टूबर 2026 को थाईलैंड हिंदी परिषद में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन थाईलैंड हिंदी परिषद एवं थाई-इंडियन कम्युनिटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
संस्थान की अध्यक्ष डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ के नेतृत्व में पहुँचे प्रतिनिधिमंडल ने काव्य गोष्ठी में अपनी मौलिक कविताओं, गीतों और ग़ज़लों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। साहित्यकारों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और हिंदी भाषा की मधुरता का सुंदर समन्वय देखने को मिला। आयोजकों ने प्रतिनिधिमंडल को अभिनंदन पत्र प्रदान कर शॉल एवं दुशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में डॉ. कित्तिपोंग बुनकर्ड, डॉ. धीरकीर्ति चरेनसेठसिन, डॉ. तीराकियात जारेओनसेत्तासिन (Dr. Teerakiat Jareonsettasin), डॉ. वुत्थिफोंग थविनसमबत (Dr. Wutthiphong Thawinsombat), पद्मश्री चिरपत प्रबंधविद्या एवं डॉ. परमत्थ खमएक सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। थाईलैंड हिंदी परिषद के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार धानुका तथा भारतीय दूतावास से श्री संजय कुमार भी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त श्री राकेश माटा, श्री आशीष नारायण एवं श्रीमती ममता ब्यास सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी की समर्पित शिक्षिका शिखा रस्तोगी ने किया। वे बैंकॉक में विद्यार्थियों को निःशुल्क हिंदी भाषा का शिक्षण देती हैं। उनके प्रभावी संचालन ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।
इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम में अजमेर से डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’, डॉ. नंदिता, खुशबू राठौड़, नीतू यादव, डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. अल्पा, प्रतिभा जोशी एवं इंदु वैद्य ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करना, भारतीय साहित्य एवं संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करना तथा भारत और थाईलैंड के बीच साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाना था। इस सहभागिता से अजमेर की महिला साहित्यकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने और हिंदी साहित्य की गरिमा को वैश्विक पहचान दिलाने का अवसर मिला।
डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ ने आयोजक संस्थाओं, गणमान्य अतिथियों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य देशों की सीमाओं से परे जाकर लोगों और संस्कृतियों को जोड़ता है। ऐसे आयोजन हिंदी भाषा की वैश्विक पहचान को मजबूत करने तथा साहित्यकारों के बीच रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान की यह अंतरराष्ट्रीय सहभागिता अजमेर के साहित्यिक जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि रही। इससे महिला साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने तथा राजस्थान की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने का अवसर मिला।
जारीकर्ता:
डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’
अध्यक्ष, अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान
अजमेर, राजस्थान
संपर्क: 9462131405

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