*बर्बाद हो रहे परिवार*
*परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आरक्षण का ग़लत इस्तेमाल बन रहा भारतीय परिवार संस्कृति का दुश्मन*
*हीरालाल नाहर पत्रकार*

परित्यता और तलाकशुदा महिलाओं को स्वावलंबन, आर्थिक-सामाजिक सहायता के लिए सरकार द्वारा नौकरी में आरक्षण देना तय किया गया है। लेकिन इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग शादी के आपसी रिश्तों का दुश्मन बन गया है। इससे न केवल पति-पत्नी के रिश्ते टूट रहे बल्कि परिवार भी बर्बाद हो रहे हैं। न्यायालय को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए।
गांवों में एक कहावत है- *गांव नहीं बसता उससे पहले गंदगी आ जाती है।*
सरकार द्वारा अनुकम्पा नौकरी का यह क़दम भी इसी श्रेणी का क़दम साबित हो रहा है। उच्च शिक्षा तथा नौकरी की चाहत रखने वाली अनेक युवतियां का मकसद यही बन गया है कि किसी तरह अमीर प्रतिष्ठित परिवार के युवक से शादी करना तथा शादी के कुछ समय बाद झूठे मनगढ़ंत आरोप लगा कर तलाक ले लेना।
*तलाक का सर्टिफिकेट बनवा कर सरकारी नौकरी में आरक्षण की हकदार तो होना। ही है। उसके पहले तलाक के नाम पर ऊंची रकम की मांग भी करना।*
ऐसी स्थिति में लड़की वालो की भारी भरकम नाजायज़ मांग पूरी करने में लड़के और उसके परिवार के पास बर्बाद होने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
अनेक उच्च जातियों में लड़कियों की कमी के चलते लड़कों के एक रिश्ते में दिक्कत होती है ऐसे में तलाक होने के बाद दूसरे रिश्ता करने की परेशानियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
*सरकार और न्यायालय को इस मामले में शीघ्र संज्ञान लेना चाहिए*। तथा पति और ससुराल वालों पर झूठे आरोप लगा कर तलाक लेने वाली युवतियो के *तलाक सर्टिफिकेट पर “आरक्षण के योग्य नहीं”* अंकित किया जाना चाहिए।अन्यथा आरक्षण का नाजायज़ लाभ पाने की युवतियों की चाहत *भारतीय संस्कृति को नष्ट कर देंगी।*
भारतीय संस्कृति में विवाह को जन्म जन्मांतर का रिश्ता माना जाता है। तथ विश्व के अनेक विकसित देशों में में परिवार विघटित हो रहें हैं। *भारत में भी अब परिवार टूटने जैसी विकृति बढ़ने लगी है।* भारतीय संस्कृति और परिवार बचाना है तो सामाजिक संगठनों को भी इस दिशा में विचार करना होगा।
आप अपनी प्रतिक्रिया मेरे नंबर पर अवगत करवा सकते हैं।
*हीरालाल नाहर पत्रकार* लेखक और चिंतक
*9929686902*