इसलिए 72 घंटे की सप्लाई का ट्रायल चल रहा है

स्मार्ट सिटी अजमेर में इन दोनों शहर वासियों को पानी सप्लाई के जिस दौर से गुजरना पड़ रहा है वह भविष्य की तैयारी है!
24 से 48 घंटे के अंतराल में दिए जाने वाली पानी सप्लाई की चेन अब 72 एवं 96 घंटों के अभ्यास हेतु शुरुआती दौर में 72 घंटों में पानी सप्लाई को नियमित करने हेतु प्रशासन पूरे जी जान से लगा हुआ है! प्रतिदिन बिजली कटौती ,नियमित सप्लाई में कमी एवं टूट फूट का बहाना बनाकर आम जनता को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि उनके प्रयासों में कोई कमी नहीं है परंतु हालत ही कुछ ऐसे हैं जिससे वह नियमित सप्लाई करने में लगभग असमर्थ हो चुके हैं!!
भले ही शहर की आर्टिफिशियल चमक के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर आम आवश्यकताओं से आपका ध्यान भटकाया जा रहा है लेकिन इसके लिए आपको एहसास नहीं होने दिया जाएगा!
आम शहरवासियों को प्रतिदिन नल देवता के आगे खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़े इसके लिए भले ही व्यापार या नौकरियों से छुट्टी लेनी पड़े प्रशासन को इससे कोई लेना-देना नहीं है! इसकी आड़ में पानी सप्लाई टैंकरों का व्यापर जरूर फलीभूत हो रहा है!!
जन प्रतिनिधि चुनाव के बाद बाड़े बंदी से छूटकर बाहर जरूर आ गए हैं लेकिन अपने-अपने दलों का पल्लू थामे रास्ता कसी के खेल खेलने में लगे हुए हैं जिन्होंने चुनाव से पहले न जाने कितने और कैसे-कैसे वादे आम जनता से किए थे शायद उन्हें भी याद नहीं रहे होंगे !अब आम शहर वासी को अगले 5 साल तक अपने दम पर ही ऐसी परिस्थितियों से जूझना और कुश्ती करना होगा! अगर इन हालातो से निजात पाना है तो आम शहर वासी को राजनीतिक गणित को पीछे रख अपनी कुंभ करणी नींद से उठकर शंखनाद के साथ इस सोए हुए प्रशासन को जागना होगा तभी शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं में थोड़ा बहुत सुधार संभव होगा!!
यहां किसी राजनीतिक दल पर दोषारोपण अथवा गुणगान करने की जगह उद्देश्य केवल मात्र सोए हुए प्रशासन को जागना है जिनका दायित्व आम शहर वासी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है!!