बहादुर बिटिया की मार्कशीट देख पिता के छलके आंसू

damini 2013-3-13 देहरादून। समूचे देश को जगाने वाली बहादुर बिटिया की जीवन के प्रति जितनी जिजीविषा थी, उसकी मेधा भी उससे कमतर नहीं थी। दिल्ली के वसंत विहार इलाके में हुई गैंगरेप की घटना की शिकार हुई फिजियोथेरेपिस्ट बेटी की मार्कशीट लेने देहरादून पहुंचे पिता ने 70 फीसद अंक देखे तो उनके आंसू छलक पड़े। वह कभी बेटी के पैरामेडिकल कॉलेज को निहारते तो कभी मार्कशीट को देखते बिटिया को याद कर रहे थे। हालांकि रेप करने वाले दरिदों का जिक्र आते ही उनके दांत भिंच गए और चेहरे पर गुस्से व घृणा के भाव तैरने लगे।

दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती के पिता व भाई मंगलवार को देहरादून के उस पैरामेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां से उनकी लाडली ने फिजियोथेरेपी का कोर्स किया था। कॉलेज संचालकों ने दिवंगत छात्रा की मार्कशीट थमाई तो उसमें दर्ज 70 फीसद अंक देखकर पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बहादुरी की जीती जागती मिसाल थी। आखिरी सांस तक उसमें जीने की जो उम्मीद थी, उससे पूरे देश को संदेश मिला। गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह के तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या को उन्होंने भगवान का इंसाफ बताया। उन्होंने कहा कि अन्य आरोपियों को जब फांसी होगी, उस पल का उन्हें बेसब्री से इंतजार है। गैंगरेप के एक आरोपी के नाबालिग होने को लेकर मची बहस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इतना जघन्य अपराध करने वाले शख्स को नाबालिग नहीं मानना चाहिए और वह भी फांसी की सजा का बराबर भागीदार होना चाहिए।

error: Content is protected !!