आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करें-देथा

Bhawani Singh Detha IASअजमेर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर श्री भवानी सिंह देथा ने जिले के सभी सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करें और इसके लिए अपने क्षेत्र के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उन्हें आचार संहिता के बारे में पूरी जानकारी दें। यदि आचार संहिता के भंग होने का प्रकरण आता है तो उसे दर्ज कर तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ करें।
श्री देथा ने इन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि उनके कार्यालय में प्राप्त होने वाले शिकायतों की भी तत्काल कार्यवाही जांच कर सुनिश्चित करें और बिना भेदभाव के उनका निस्तारण करें। इसके लिए निष्पक्ष व प्रभावी अधिकारियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण भी दें। जिला स्तर पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र में आचार संहिता की पालना के संबंध में यदि कोई शिकायत प्राप्त होगी तो उसकी भी जांच संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा की जाएगी। इसके लिए अलग से रजिस्टर संधारित किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता की पालना के संबंध में प्रतिदिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयपुर को निर्धारित प्रपत्र मेंं जानकारी भेजी जाएगी। जिसके लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसी भी सरकारी व अद्र्घसरकारी भवन पर किसी भी प्रकार का चुनाव प्रसार नहीं किया जाएगा तथा न ही राजनीतिक दलों के नारे, पोस्टर, झण्ड़े आदि लगाए जाएंगे। राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करेंगे कि इन स्थानों पर चुनाव प्रचार सामग्री लगाने के लिए आयोग ने पूरी तरह से प्रतिबंधित किया है। सहायक रिटर्निंग ऑफिसर इस पर पूरी नजर रखेंगे। विद्युत व दूरसंचार विभाग के खम्भे भी सरकारी सम्पति है अत: इन्हें भी प्रचार सामग्री के लिए किसी भी स्थिति में काम में नहीं लिया जाएगा। जलदाय विभाग की टंकियों पर भी प्रचार सामग्री नहीं लगाई जाएगी।
श्री देथा ने स्पष्ट किया कि निजी भवन पर भी अभ्यर्थी से स्वीकृति लेकर ही नारा, पोस्टर, झण्ड़े लगाए जा सकते हैं। यदि प्रचार सामग्री की कीमत दस रूपये से कम है तो वह दस दिन में संबंधित अभ्यर्थी से स्वीकृति प्राप्त कर लें। राज्य में ” राजस्थान सम्पति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 लागू है जिसमें सभी नगर पालिका, परिषद, निगम क्षेत्रों में किसी सम्पति पर पोस्टर चिपकाना तथा नारा लिखना प्रतिबंधित किया हुआ है।
उन्होंने सहायक रिटर्निंग ऑफिसर से इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा है कि निजी सम्पति पर बैनर, झण्ड़े, कटआउट, होर्डिंग आदि लगाने के लिए निजी सम्पति के स्वामी की लिखित सहमति आवश्यक है जिसकी फोटोप्रति संबंधित निर्वाचन अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करनी होगी। अभ्यर्थी के लिए उसका कोई समर्थक या कार्यकर्ता दस रूपये तक का व्यय कर सकता है इससे अधिक व्यय अभ्यर्थी द्वारा किया गया व्यय माना जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने ये भी निर्देश दिए कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार किसी भी चिकित्सालय व शैक्षणिक संस्थान से चिपते हुए कोई अस्थाई कार्यालय राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा नहीं खोलें जाएंगे इसे भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

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