पंचांगों के अनुसार नवमी का क्षय, एक साथ दुर्गाष्टमी नवदुर्गा पूजा, तीन अक्टूबर को होगा रावण दहन

ब्यावर, (हेमन्त साहू)। नवरात्रि इस बार आठ दिन की होगी। दो साल बाद फिर ऐसी स्थिति बन रही है। कुछ पंचांग आठ दिन की नवरात्रि और नवमी का क्षय बता रहे हैं तो कुछ नवमी के साथ दशहरे का पर्व बता रहे हैं। पंडित दिनेश दिनकर ने बताया कि पंडि त-पंचांगों का कहना है कि तीन अक्टूबर को दशहरा शास्त्र सम्मत है। नवरात्रि 25 सितंबर को शुरू होगी। इस संबंध में कई पंडितों से बात करने पर सामने आया कि महानवमी का क्षय है और नवरात्रि आठ दिन की है। दो अक्टूबर को महाअष्टमी के साथ नवमी का पर्व भी मनेगा। तीन अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
पहले भी रही ऐसी स्थिति:– 2014में अष्टमी-नवमी एक दिन। कुछ पंचांगों ने नवमी-दशहरा एक दिन बताया। 2012 में तृतीया-चतुर्थी एक ही दिन।
नवरात्रि में किस दिन- कौन सी तिथि:- 25सितंबर -घटस्थापना, 26 सितंबर – द्वितीया, 27 सितंबर – तृतीया, 28 सितंबर – चतुर्थी,
29 सितंबर – पंचमी, 30 सितंबर- षष्ठी, 1 अक्टूबर – सप्तमी, 2 अक्टूबर -महाष्टमी, 3 अक्टूबर – महानवमी और दशहरा।
क्या कहते हैं पंचांग:- नारायणविजय पंचांग उज्जैन -2अक्टूबर को महाष्टमी और महानवमी। नवमी तिथि का क्षय 3 अक्टूबर को दशहरा पर्व, निर्णय सागर पंचांग – 2को महाष्टमी नवमी। महानवमी रात्रि विधान। तीन अक्टूबर को दशहरा। काल निर्णय -2अक्टूबर को महानवमी (उपवास-महापूजा)। तीन अक्टूबर को महानवमी (बलिदानार्थ) और दशहरा।
40 साल में 15 बार हुआ ऐसा
कई बार नवरात्रि आठ दिन के हो चुके हैं। इस बार नारायण विजय, निर्णय सागर काल निर्णय आदि पंचांगों में नवमी तिथि के क्षय होने का उल्लेख है। रावण दहन दशमी तिथि पर ही किया जाना चाहिए। यह तिथि तीन अक्टूबर को रहेगी। ऐसी स्थिति पिछले साल भी बनी थी। तब 13 अक्टूबर को नवमी दशमी तिथि एक साथ थी। तिथियों की इस युति को लेकर पंचांगों में भी मतांतर है, लेकिन दशहरा तीन अक्टूबर मनाना ही उचित है। उसके अनुसार इसके पूर्व 1975 से लेकर अब तक आठ दिनों की नवरात्रि हो चुकी है।
-सीमा कृपलानी, ज्योतिष विशेषज्ञ, ब्यावर