ब्यावर, (हेमन्त साहू)। शहर के बिजयनगर रोड स्थित अर्चना कॉलोनी के क्षेत्रवासियों ने क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने का विरोध किया है। मामले को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने उपखंड अधिकारी नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पूर्व में टावर लगाने का प्रयास किया जा रहा था। शिकायत पर नगर परिषद प्रशासन ने काम रूकवा दिया। लेकिन अब रियायशी कॉलोनी में पुन: टावर लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अर्चनाकॉलोनी में टावर लगाने के मामले में दो स्कूलों ने आपत्ति जताते हुए शिकायत दी है। गुरूदीप उच्च माध्यमिक विद्यालय डीपीएस स्कूल के प्रिंसीपल ने प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि टावर की घातक विकिरणों से बच्चों के स्वास्थय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। वार्ड 39 की पार्षद धन्नी बेगम, प्रहलाद, ललिता, पुखराज, अर्जुन, ललित शर्मा, संगीता शर्मा, कैलाश, सूरज ने आदि ने विरोध किया।
वाणिज्य विभाग ने की कोरियर कंपनी पर कार्यवाही
ब्यावर,(हेमन्त साहू): शहर में वाणिज्य कर विभाग की टीम ने बिना कर चुकाए शहर में सप्लाई होने आए माल की सूचना पर कोरियर कंपनी पर आकस्मिक जांच की कार्रवाई की। इस दौरान टीम को मौके पर भारी मात्रा में ऑनलाइन मंगवाया गया सामान मिला। इस सामान की वेट भुगतान की जांच संबंधी कार्रवाई की गई। वाणिज्य कर विभाग के एटीपीओ के नेतृत्व में टीम नगर परिषद मार्ग स्थित सुशील कोरियर सर्विस पहुंची। जहां टीम में शामिल अधिकारियों ने कोरियर सर्विस संचालक सुशील कुमार सिंहल से इस संबंध में जानकारी मांगी। सिंहल का कहना था कि जो माल दुकान में पड़ा है उसे ग्राहकों तक डिलीवर करने की जिम्मेदारी उनकी है। कौनसे माल पर वेट का भुगतान हुआ है और कौनसे पर नहीं यह जानकारी उन्हें नहीं है। ऐसे में टीम ने मौके पर मिले माल की सूची बनाने की कार्रवाई की। विविध प्रोडक्ट बाजार से कम दाम पर घर बैठे उपलब्ध कराने का दावा करने वाली कई ऑनलाईन कपंनियां के ऑफर से प्रभावित होकर ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं। यही कारण है कि धीरे-धीरे ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। होम शॉप, फ्लिप कार्ट, स्नेप डील, होम शॉप 18, नेक्स्ट, मंत्रा, शॉप क्रूज समेत अन्य कंपनियां ऑनलाईन शॉपिंग के जरिये ग्राहकों को प्रोडक्ट घर बैठे उपलब्ध करवा रही है। ऑनलाईन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज को देखते हुए सेल्स टेक्स विभाग भी सतर्क हो गया है। ऑनलाइन खरीदे गए माल पर वेट नहीं लगने से हो रही राजस्व हानि को देखते हुए विभाग ने इस संबंध में जानकारी लेना शुरू कर दिया है।