अजमेर। दरगाह कमेटी द्वारा मोहर्रम शरीफ का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। मोहर्रम के विभिन्न कार्यक्रम 25 अक्टूबर से शुरू हो गए है। यह कार्यक्रम 6 नवम्बर तक जारी रहेंगे।दरगाह नाजिम श्री अशफाक हुसैन ने बताया कि 25 अक्टूबर से चैकियो की धुलाई का कार्यक्रम शुरू हो गया है। इसी तरह 26 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक दरगाह शरीफ स्थित अहाता-ए-नूर में बयान शहादत और असर के बाद रोशनी तक सलातो सलाम होगा। 26 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक शहाजहानी मस्जिद दरगाह शरीफ में बयान शहादत होगा। इसी तरह 26 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक छतरी गेट, लंगर खाना गली में बयान शहादत और मर्सिया ख्वानी का कार्यक्रम होगा। इसी तरह 26 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक हताई, अढाई दिन का झोंपडा पर बयान शहादत और मर्सिया ख्वानी कार्यक्रम होगा। इसी तरह 6 नवम्बर तक लंगर खाना दरगाह शरीफ में बयान शहादत होगा।
नाजिम श्री हुसैन ने बताया कि 29 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक बाबा फरीद का चिल्ला खुलेगा। चांदी का ताजिया महफिल खाना गेट पर दोपहर 2 बजे के बाद 5 व 7 मोहर्रम तक नमाज जोहर से आस्ताना मामूल होने तक रखा जाएगा। 30 अक्टूबर को छतरी गेट से इमाम बाडा तक झण्डे (अलम) का जुलूस निकाला जाएगा। 31 अक्टूबर को अहाता-ए-नूर पर छठी शरीफ की फातिहा होगी। इसी तरह 1 नवम्बर को झण्डों का जुलूस लंगर खाने से अंदरकोट जाएगा। इसी दिन दरगाह शरीफ में मेंहदी की रसम भी होगी। 2 नवम्बर को अगले दिन निजाम गेट दरगाह शरीफ अंजुमन सैयद जादगान का बड़ा ताजिया सवारी के साथ छतरी गेट लाया जाएगा। 3 नवम्बर को बड़ा ताजिया छतरी गेट से सवारी के जुलूस के साथ इमाम बाडा लाया जाएगा। अंदरकोट में ईशा की नमाज के बाद हाईदोस होगा। डोला शरीफ बाद नमाज ईशा हताई अंदरकोट पर रखा जाएगा। 4 नवम्बर को लंगर खाना दरगाह शरीफ पर बयान शहादत होगी। इसी दिन दोपहर 2.30 बजे हाईदोस अंदरकोट ढाई दिन के झोंपडे के पास त्रिपोलिया गेट तक आकर आमा बावड़ी अंदरकोट तक जाएंगे। 4 नवम्बर को ही चांदी का ताजिया निजाम गेट पर रखा जाएगा। इसी दिन रात 9 बजे से इमाम बाड़े से ताजिए की सवारी जुलूस के रूप में शुरू होकर छतरी गेट, लंगर खाना गली, दरगाह बाजार एवं कमानी गेट होता हुई अगली सुबह 5.30 बजे झालरा पर पहुंचेगी। 5 नवम्बर को प्रातः 5.30 बजे से झालरा पर ताजिया सैराब किया जाएगा।