
ब्यावर, (हेमन्त साहू)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर बुधवार को शहर की सभी राष्ट्रीकृत बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। सभी बैंककर्मियों ने रेलवे स्टेशन स्थित एसबीबीजे बैंक के बाहर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए हाय-हाय के नारे लगाकर केन्द्र सरकार की नीतीयो का विरोध किया। बैंककर्मियों की हडताल के चलते बुधवार को बैंकों का काम-काज पूरी तरह ठप्प रहा। जिससे कई बैंक उपभोक्ताओं को अपनी दैनिक लेन-देने संबंधी परेशानियों से जूझना पडा। फोरम के ब्यावर यूनिट के संयोजक अरविंद सक्सेना ने बताया कि 10वें वेतन समझौते को सम्मानपूर्वक शीघ्र लागू नहीं करने पर सभी बैंककर्मी हडताल पर है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से लंबित पडे 10 वें वेतन समझौते के लागू नही होने के कारण आज हमें हडताल के अनुचित होते हुए भी विवश होकर हडताल करनी पड रही है। उन्होंने बताया कि चाहे भामाशाह योजना, आधार कार्ड लिंक योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना एवं छात्रवृत्ति योजना आदि सभी सरकारी योजनाएं से संबंधित कार्य बैंकों के माध्यम से किये जा रहे है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करीब 3 करोड लोगों के खाते बैंकों में खोले गये। वहीं ऑल इण्डिया बैंक ऑफ एसबीबीजे स्टाफ एसोसिएशन जनरल सेके्रट्री विनोद तंवर ने बताया कि हडताल के कारण शहर की बैंको मे होने वाला करीब 75 लाख रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ। बैंकों का कामकाज 12 गुना तक बढ़ चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर सभी बैंककर्मी तन-मन से अपने श्रम से बैंकिंक कार्य क्षेत्र को शिखर पर पहुंचाया है। यदि हमारी मांगों को पूरा नही किया गया तो देश में कार्यरत 15 लाख बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हडताल पर चले जायेंगे। इस मौके पर बैंक युनियन से जुडे पीपी गुप्ता, पुर्णसिंह चौहान, अमरचंद मुन्दडा, ओमप्रकाश, नटवर थानवी, राध्ेाश्याम कटारिया, मुकेश वर्मा, रामगोपाल वैष्णव सहित अनैक बैंक कर्मी हडताल पर रहें।