अजमेर जिले के पर्यटन स्वरूप को और निखारने के प्रयास

जिला कलक्टर ने अधिकारियों के साथ अजमेर शहर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया और जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक ली
aarushiअजमेर। अजमेर जिले के पर्यटन को और निखारने के प्रयास तेज हुए है। अजमेर, पुष्कर सहित जिले के अन्य स्थलों को भी पर्यटन की दृष्टि से अधिक विकसित करने एवं यहां चल रहे कार्यों को तीव्र गति देने के प्रयास तेज किए गये है।
जिला कलक्टर डॉ. आरूषि मलिक ने अजमेर शहर के एतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का आज दोपहर बाद विभिन्न अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया तथा इन स्थलों को पर्यटन, हेरिटेज, यातायात एवं अन्य दृष्टि से विकसित करने तथा इन स्थलों के आस पास तत्काल विकास कार्य कराने के संबंध में मौके पर ही निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने ऐतिहासिक स्थलों के निरीक्षण के पश्चात कलेक्ट्रेट के समिति कक्ष में पर्यटन विकास समिति की बैठक ली और गत वर्षों से जिले के पर्यटन स्थलों पर विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित ऐजेन्सी व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तत्काल इन कार्यों को पूरा कराएं क्योंकि अधूरे कार्यों से पर्यटन की छवि पर अच्छा प्रभाव नही पड़ता और इन स्थलों पर पर्यटक भी नही जा पाते। उन्होंने बूढ़ा पुष्कर के संरक्षण व इसमें पानी की आवक बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों को योजना के अनुसार तत्काल कार्य कराने को कहा। अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा इस हेतु 10 करोड़ रूपये की परियोजना रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजी गई जिस पर देवस्थान विभाग की 2014-15 की बजट घोषणा में इस कार्य की स्वीकृति दी गई है।
जिला कलक्टर ने अकबर फोर्ट, टॉडगढ़ चर्च के स्वीकृत कार्यों की अब तक की स्थिति के बारे में विचार विमर्श करने के लिए राजकीय संग्रहालय एवं आर.टी.डी.सी. के अधिशाषी अभियन्ता को जयपुर से सोमवार को होने वाली साप्ताहिक बैठक में बुलाने के निर्देश दिए। बैठक में वन विभाग द्वारा पुष्कर में खोले जाने वाले बायोलॉजीकल पार्क को अजमेर में खोलने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए विभाग को इसी माह में भूमि चिन्ह्ति कर जिला प्रशासन को बताना होगा जिस पर तत्काल कार्यवाही की जा सकें। इसके लिए ब्यावर रोड़ स्थित राजीव गांधी उद्यान, फॉयसागर के पास स्थित सरकारी भूमि, नसीराबाद पहाड़ी पर स्थित वन विभाग की भूमि के बारे में भी चर्चा की गई। पुष्कर में गौशाला व कांजी हाउस के निमार्ण के कार्यों को भी तेज करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त कायड विश्राम स्थली पर आर.सी.सी. शेड डालने, सरवाड़ के गोपीनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्घार, सुरसुरा के लाछा बावड़ी, सलेमाबाद की चोर बावड़ी तथा बघेरा के स्मारकों व संरक्षण व जीर्णोद्घार के विकास के साथ साथ फतेहगढ़ व देवमाली ग्राम को ग्रामीण पर्यटन विकास की दृष्टि से तथा टॉडगढ के निकट स्थित दुधालेश्वर महादेव तथा सिलोरा के पास स्थिति पीताम्बर की गाल को ईको पर्यटन दृष्टि से विकसित करने की विस्तार से चर्चा की गई। किशनगढ़ के पास टपूकडा मकबरे के विकास हेतु जारी कार्यों की समीक्षा भी की गई।
बैठक से पूर्व जिला कलक्टर ने अतिरिक्त कलक्टर शहर श्री हरफूल सिंह यादव, नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सी.आर.मीना, अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव श्री कृष्णावतार त्रिवेदी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ अजमेर शहर के विभिन्न ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया। अकबर फोर्ट के बाहर तथा आनासागर बारादरी, सुभाष उद्यान में स्थान स्थान पर कचरा पात्र रखने व यहां घूमने वाले व्यक्तियों को कचरा इन पात्रों में डालने को प्रेरित करने को कहा। बजरंग गढ़ चौराहे आनासागर बारादरी के रास्ते पर चाट पकौड़ी आईसक्रीम आदि के ठेले दुकानों के बाहर खड़े होने तथा रास्ता रोकने को जिला कलक्टर ने गंभीरता से लिया और नगर निगम से इनके विरूद्घ कार्यवाही करने को कहा। मौके पर बताया गया कि यहां स्थित दुकानों द्वारा ही सड़क पर ठेले लगवाकर दोहरा व्यवसाय किया जा रहा है। इन्ही दुकानों के द्वारा अपना कचरा आनासागर एस्केप चैनल जो सुभाष उद्यान से निकल रही है पर डालने से फैल रही गंदगी के लिए भी इन दुकानदारों के विरूद्घ कार्यवाही करने और कचरों को कचरा पात्र में रखने तथा उसे निगम के निर्धारित कंटेनर में डालने को पाबन्द करने के निर्देश दिए।
जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में अतिरिक्त कलक्टर शहर श्री हरफूल सिंह यादव ने गत वर्षों से अजमेर जिले के विभिन्न क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए चलाये जा रहे कार्यों की बिन्दुवार समीक्षा की।
नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि अजमेर शहर के एतिहासिक व पर्यटन स्थलों के आसपास सफाई करने के लिए विशेष इंतजाम किये गये और यहां की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। सुभाष उद्यान तथा बारादरी में भी सफाई की अलग से व्यवस्था की गई है। शहर के पांच पार्क को विकसित करने का कार्य एक निजी कम्पनी को दिया गया तथा अन्य पार्क को नगर निगम व अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जाएगा। बैठक में उपखण्ड अधिकारी अजमेर श्री संजय माथुर, अजमेर विकास प्राधिकरण सचिव श्री के.आर. त्रिवेदी सहित पर्यटन, राजकीय संग्रहालय, आमेर विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
इंटेक अजमेर चेप्टर के श्री महेन्द्र विक्रम सिंह ने बाहर के पर्यटकों को और आकर्षित करने के लिए अजमेर शहर के अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित करने के सुझाव दिये और इनकी सूची भी दी।

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