देश में बढ़ रही है युवा हृदय रोगियों की संख्या
अजमेर। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही शोध से ज्ञात हुआ है कि युवाओं के देश भारत में युवा वर्ग पर हृदय रोग का खतरा मंडरा रहा है। देश में हार्ट अटैक के मामलों में आधे से अधिक 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों में पाए गए। यह गंभीर खतरे का संकेत है। देष में एक तिहाई मौतें भी हृदय रोगों के कारण होती हैं। युवाओं में भी हार्ट अटैक के बहुत से मामले सामने आने लगे हैं। यह जानकारी मेट्रो मास हार्ट एण्ड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सा रोग विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष (सीटीवीएस) डॉ. समीर शर्मा ने यहां दी। डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में शाकाहारियों की संख्या अधिक है, जिनमें बी-3, बी-6 व बी-12 जैसे तत्वों की कमी पाई जाती है। इससे हीमोसिस्टाइन की मात्रा बढ़ी हुई होती है जो कि हृदयाघात के लिए एक महत्वपूर्ण कारण माना जाता है। हृदय रोग के 80 प्रतिशत मामलों में तम्बाकू, तनाव, मद्यपान, आरामपसंद जीवन शैली और तैलीय खानपान जिम्मेदार पाया गया है। हृदय शल्य चिकित्सा अत्यन्त सुरक्षित है तथा हार्ट बाईपास सर्जरी में सफलता प्रतिशत लगभग 99.8 प्रतिशत तक है। हमारे अस्पताल में हम सभी तरह की हृदय शल्य चिकित्सा जैसे:- बाईपास सर्जरी, वाल्व बदलना, छोटे छिद्र से हार्ट का ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर रहे हंै।
35 वर्ष की आयु से ही ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रोल की जांचें करानी चाहिए तथा विशेषज्ञ की सलाह से उपचार लेना चाहिए। आजकल एंजियोग्राफी जैसी सटीक जांच तथा एंजियोप्लास्टी तथा बाइपास सर्जरी जैसे उपचार मौजूद हैं जो पूरी तरह सफल होते हैं। नई उपचार गाइडलाइन के अनुसार अब डायबिटीज रोगियों को आवश्यक रूप से कोलेस्ट्रोल कम करने की दवा दी जानी चाहिए।
हृदय शल्य चिकित्सा आउटडोर परामर्श सेवाएं शुरू-
स्थानीय सेन्ट फ्रांसिस हॉस्पिटल, अजमेर में मेट्रो मास हॉस्पिटल, जयपुर के वरिष्ठ ह्रदय शल्य चिकित्सा रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर शर्मा द्वारा मरीजों को आउटडोर परामर्श सेवाएं प्रदान की गई जो कि प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को नियमित रूप से सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल में उपलब्ध रहेगी।
अंशुल श्रीवास्तव
प्रबंधक, मार्केटिंग
मो. 8003995456, 9982053986
डॉ. समीर शर्मा
हृदय शल्य चिकित्सा रोग विशेषज्ञ