आमजन को जागरूक करें- सुश्री वन्दना नोगिया

जल जागरूकता संबंधी जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित 
PROAJM (2) 10 March 2015अजमेर, 10 मार्च। जिला प्रमुख सुश्री वन्दना नोगिया ने कहा कि जल संग्रहण, जल स्वच्छता के संबंध में आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है।
सुश्री नोगिया आज जिला परिषद सभागार में जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित जल जागरूकता कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संग्रहण, भूजल का दोहन, जल का सदुपयोग एवं स्वास्थ्य व स्वच्छता के संबंध में आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस कार्य को जनप्रतिनिधि बखूबी निभा सकते है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को स्वेच्छा से अपने क्षेत्रा में एक-एक ग्राम पंचायत को स्वस्थ भारत मिशन के तहत गोद लेकर लोगों को खुले में शौच जाने से स्वास्थ्य पर पडने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देनी चाहिए। साथ ही आमजन को जल संग्रहण, जल के उचित दोहन व पेयजल की गुणवत्ता व स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभावों के संबंध में जागरूक कर सकते है।
उन्होंने कहा कि जल जागरूकता, जल संग्रहण, स्वच्छता व सफाई का दायित्व विभागीय स्तर तक सीमीत नही होना चाहिए। जल के महत्व को प्रत्येक व्यक्ति को समझकर उचित मात्रा में जल का दोहन करना होगा, साथ ही वर्षा जल का समुचित संग्रहण भी आवश्यक है, जिससे भूजल स्तर बेहतर हो सके। साथ ही स्वच्छता व सफाई का ध्यान रखकर कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
कार्यशाला के स्वागत सत्रा को संबोधित करते हुए जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियन्ता श्री सुनील सिंघल ने अजमेर जिले में जलापूर्ति, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन, जल संग्रहण एवं पेयजल की गुणवत्ता व स्वास्थ्य पर पडने वाले प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने वर्षा जल संग्रहण के संबंध में प्रचार-प्रसार के माध्यमों से जागरूकता की बात भी कही। अधिशाषी अभियन्ता श्री अनिल जैन ने पेयजल नई सोच नए आयाम विषय पर पाॅवर पोइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से पेयजल की चुनौतियों, पेयजल की गुणवत्ता, सामुदायिक सहभागिता व नवाचार की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन श्री विजेन्द्र सिंह राठौड ने स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य, उद्देश्य व जनप्रतिनिधियों के सहयोग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अजमेर जिले को खुले में शौच से मुक्त करने हेतु शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि आमजन को घरों में शौचालयों के निर्माण हेतु प्रेरित करें, साथ ही स्वच्छता के महत्व से भी अवगत करा सकते है। उन्होंने निर्मल ग्राम पंचायतों के मानदण्डों के संबंध में विस्तार से जानकारी भी प्रदान की। अन्त में खुले सत्रा के दौरान कार्यशाला में मौजूद जनप्रतिनिधियों व प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत कर जल संरक्षण व स्वच्छता संबंधी चर्चा की एवं ऐसी कार्यशाला का आयोजन खण्ड व ग्राम पंचायत स्तर तक करने का प्रस्ताव रखा।
इससे पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ जिला प्रमुख सुश्री वन्दना नोगिया ने मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलन व माल्र्यापण कर किया। अन्त में परामर्शक मानव संसाधन पीएचईडी सुश्री रीता चतुर्वेदी ने आभार प्रकट किया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधि, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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