रजनीश चारण के सुरों से महका प्रांगण

राजस्थान संगीत नाटक अकादमी का आयोजन

DSC08190अजमेर/ राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर की योजना के तहत् ‘‘कला व्याख्यान एवं प्रदर्षन‘‘ कार्यक्रम का आयोजन महर्षि दयानन्द सरस्वती विष्वविद्यालय अजमेर के पर्यावरण अध्ययन विभाग में बुधवार दिनांक 15 फरवरी 2017 को किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. कैलाष सोडानी थे। कार्यक्रम के विषेषज्ञ कलाकार डॉ. रजनीष कुमार चारण विभागाध्यक्ष संगीत विभाग संस्कृति द स्कूल अजमेर थे। आपने अपने व्याख्यान में संगीत का पर्यावरण के साथ अंतर्सम्बन्ध बताया तथा स्वरों के वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाष डाला। आपने आहत-अनाहत नाद, संगीत का मानव जीवन पर प्रभाव, संगीत का वातावरण पर प्रभाव, मल्हार के स्वरों से वर्षा होना इत्यादि महत्वपूर्ण जानकारी श्रोताओं को दी। गायन का शुभारम्भ आपने राग मेघ मल्हार की स्वरचित गणपति वन्दना ‘‘महापति गणपति मंगल बरसाओ‘‘ से की। तत्पष्चात् आपने राग मेघ में स्वरचित छोटा ख्याल ‘‘गरज गरज बरसो रे मेहा‘‘, राग धुलिया मल्हार में रचना ‘‘बरखा ऋतु आई‘‘, राग बहार की रचना ‘‘उमड़-घुमड़ कर आए बदरा‘‘। आपकी कजरी ‘‘सावन झर लागेला धीरे धीरे‘‘ ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पर्यावरण विज्ञान में चल रहे छः दिवसीय ई.आई.ए. कोर्स के प्रतिभागी एवं अन्य अतिथियों के अभिनन्दन के लिए डॉ. रजनीष ने ‘‘मंगल गाओ चौक पुराओ आज पिया मेरे घर आए‘‘ सुनाया। तत्पष्चात् उनकी स्वरचित गजल ‘‘पŸो हिलते हैं हवाओं का पता चलता है‘‘ तथा लोक गीत एवं अन्य गीतों पर श्रोता मन्त्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रवीण माथुर ने अतिथियों का स्वागत किया और समन्वयक उमेष कुमार चौरसिया ने आभार अभिव्यक्त किया। इस समारोह में विष्वविद्यालय के छात्रों ने, षिक्षकों ने एवं महाविद्यालय के षिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. ऋतु माथुर ने किया।

उमेष कुमार चौरसिया
समन्वयक ‘कला व्याख्यान योजना‘
संपर्क-9829482601

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