इमाम जाफर सादिक (अ) की शहादत की वर्षगांठ

अजमेर कि शिया बस्तीयो में शोक सभाओं का आयोजन ।

IMG-20170710-WA0201अजमेर । निकटवर्ती ग्राम दौराई मे सोमवार को शिया मुसलमानो ने अपने छठे इमाम, हजरत इमाम जाफर सादिक (अ) की शहादत के मौके पर मजलिसो का आयोजन कर वर्षगांठ पर शोक सभाएं आयोजित कर श्रध्दांजलि दी । आॅल इण्डिया शिया फांउडेशन अजमेर के प्रवक्ता मौलाना सैय्यद काजिम अली जैदी ने अपने बयान मे बताया कि 15 शव्वाल 1438 हिजरी बा तारीख 10 जुलाई 2017 को पैगम्बरे इस्लाम (स) के उत्तराधिकारी हजरत अली (अ) के वशंज इमाम जाफर सादिक (अ) की शहादत की वर्षगांठ है। 28 वर्षों तक इमामत की जिम्मेदारी संभालने और मुसलमानों का मार्गदर्शन करने के बाद 765 ईसवी में 65 वर्ष की आयु में अब्बासी खलीफा मंसूर ने जहर द्वारा इमाम जाफर सादिक (अ) को शहीद करा दिया।मुसलमानों के बीच इमाम की लोकप्रियता और उनके हजारों शिष्यों के कारण अब्बासी खलीफा मंसूर उन्हें अपने अवैध शासन के लिए एक चुनौती समझता था। शहादत के बाद इमाम सादिक (अ) को पवित्र मदीना शहर में स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में दफ़्ना दिया गया। सुन्नी मुसलमानों के चार बड़े इमामों में से तीन इमाम शाफई, मालिक और अबू हनीफा इमाम जाफर सादिक (अ) के शिष्य थे और उन्होंने हजरत से इस्लामी विषयों की शिक्षा प्राप्त की थी।

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