मेर- 9 नवम्बर -श्रीमद् भागवत महापुराण कथा सप्ताह यज्ञ के द्वितीय दिवस श्री ईष्वर मनोहर उदासीन आश्रम में पधारे संतो द्वारा आर्षीवचन देते हुये कहा कि मनुष्य जीवन में सेवा कार्यों से अपनी पहचान बनायें व सनातन संस्कारों को परिवार में ज्ञान बढाये तभी हमारा जीवन सफल होगा। कथा में महामण्डलेष्वर हंसराम उदासीन, हरिद्वार के डॉ. स्वामी गंगादास जी, पुष्कर के महंत हनुमानराम, आश्रम के महंत स्वरूपदास उदासीन, गोविन्दधाम भीलवाडा के सांई गणेषराम, श्री ईष्वर गोविन्दधाम के सांई ईसरदास, सांई अर्जुनराम ने धर्मप्रेमियों को आर्षीवचन दिये।
व्यवस्थापक सन्त गौतमदास ने बताया कि परम पूज्य महामंडलेष्वर स्वामी जगदीषदास जी उदासीन के मुखारिवन्द से कथा यज्ञ में मनुष्य जीवन को उतम बताया और हमे कथा में नियमित हाजिर रहकर ज्ञान लेना है। संतो की ओर से धार्मिक आयोजनों के साथ षिक्षा, चिकित्सा, गौसवा व संस्कृत षिक्षा के केन्द्र भी चलाये जा रहे है जो हमारी प्रेरणा है। स्वागत सत्कार श्रीमति षीला व मोहनलाल कोटवाणी, षंकर सबनाणी, दीपक बालाणी, भगवानदास घनष्याम आडवाणी, महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, पार्षद मोहन लालवाणी, राजेन्द्र जयसिंघाणी ने किया।
(महेन्द्र कुमार तीर्थाणी)
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