बाल संरक्षण पर तीन दिवसीय रेंज स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन

सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन चाईल्ड प्रोटेक्शन, जयपुर द्वारा अजमेर रैंज मे बाल संरक्षण पर तीन दिवसीय रेंज स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का बिधिवत रुप से शुभारम्भ पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह जी द्वारा किया गया

police logoसरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस, सिक्युरिटी एंड क्रिमिनल जस्टिस के सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन जयपुर द्वारा अजमेर रैंज के अंतर्गत विभिन्न जिलों में तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, मानव तस्करी विरोधी युनिटों में तैनात अधिकारियों एवं सरकारी अभियोजकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 21 नवंबर 2017 से 23 नवंबर 2017 तक किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का बिधिवत रुप से शुभारम्भ पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह जी द्वारा किया गया । उन्होंने बताया कि कानून की मूल भावना को कानून की पालना करते समय कानून की मंशा का ध्यान रखा जाना बहुत जरुरी है द्य इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि बच्चों से सम्बंधित विषयों पर पुलिस के साथ – साथ अन्य स्टेक होल्डर्स को भी संवेदनशील होकर काम करना चाहिए इस अवसर पर सेंटर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन के कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह एवं डॉ. विजेंदर सिंह उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उदेश्य विभिन्न प्रतिभागियों को बच्चों के अधिकारों, बच्चो के लिए किये गए अलग अलग विधिक प्रावधानों के विषय में जानकारी उपलब्ध करवाना एवं उन्हें बच्चों के प्रति संवेदनशील बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन बच्चों से सम्बंधित विभिन्न अधिनियमों जैसेकि किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा पोक्सो एक्ट, 2012, की जानकारी दी गई तथा उपरोक्त अधिनियमों से संबंधित अध्ययन सामाग्री वितरण की गई। प्रशिक्षण के प्रथम दिन, कार्यक्रम प्रबंधक श्री प्रवीण सिंह एवं डॉ. विजेंदर सिंह ने बाल मैत्री पुलिस व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी उपस्थित अधिकारियों को दी। उन्होने बाल कल्याण अधिकारियों को बताया कि बच्चों के साथ में होने वाले शारीरिक, मानसिक अथवा लैंगिक दुर्व्यवहार को रोकने के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि बच्चों के साथ-साथ हम सभी को बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए विधिक प्रावधानों तथा विभागों की जानकारी हो । उन्होनें बाल श्रमिकों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस विभाग द्वारा पूर्व में किए गए प्रयासों, बाल मित्र पुलिस व्यवस्था अर्न्तगत देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि से संघर्षरत बच्चों साथ किए जाने वाले व्यवहार तथा संरचनाओं में सकारात्मक परिवर्तन के सुझाव अधिकारियों को दिए। उन्होने बताया कि राजस्थान राज्य में सभी रेंज में बाल संरक्षण संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यशाला के अगले सत्र में श्री राकेश गौरा जी, प्रिन्सिपल मजिस्ट्रेट- श्रश्रठ, अजमेर, ने किशोर न्याय अधिनियम के तकनीकि पहलूओं तथा व्यवहारिक समस्याओं के बारे में पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होने पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रशनों के उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासा शान्त की। उन्होनें पुलिस अधिकारियों से अधिनियम के अनुसार बच्चों के बयान सादी वेषभूषा मे लेने तथा थानों पर बाल हेल्प डेस्क विकसित करने के सुझाव दिए। कार्यशाला उपरान्त सभी प्रतिभागियों का प्रवीण सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला में अजमेर संभाग के सभी जिलों से बाल कल्याण पुलिस अधिकारीगण एवं सरकारी अभियोजक उपस्थित थे।

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