मीरा की तरह हो भक्ति

ब्यावर, 26 सितंबर। राधाकृष्ण रासलीला समिति के तत्वाधान में सुभाष उद्यान में आयोजित रसमयी रासलीला के तीसरे दिन मीरा चरित्र प्रसंग सुनाया गया। स्वामी सीताराम शर्मा ने कहा कि चिकसौली गांव की गोपी को अगले जन्म में कृष्ण भक्ति का वरदान मिला था। यही गोपी कलियुग में गिरधर गोपाल की भक्त मीरा के नाम से विख्यात हुई। मीरा का मन बचपन से ही कृष्ण में रमा था। वो कृष्णा को ही अपना पति परमेश्वर मानती थी। भक्ति की शक्ति का ही परिणाम है कि तमाम परेशानियों के बावजूद मीरा गिरधर की भक्त बनी रही। प्रत्येक व्यक्ति की भक्ति मीरा की तरह होनी चाहिए। अगर भक्ति में अगाढ़ आस्था होगी तो ठाकुर अवश्य दर्शन देंगे। हाथ में वीणा लिए मीरा की भक्ति व कृष्ण के प्रति प्रेम देखकर कई भक्त भाव विभोर हो गए। मानव कल्याण सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने मीरा बाई का पूजन किया। मंच संचालन सुमित सारस्वत ने किया। रासलीला में पार्षद अंगदराम अजमेरा, मिथलेश अग्रवाल, साधना सारस्वत, सुमित्रा प्रजापति, सुनीता कुमावत, जसोदा अग्रवाल, सुनीता टेलर, भारती कुमावत, पिंकी अग्रवाल, जया अग्रवाल, माधुरी बंसल, प्रमिला शर्मा, पुष्पा अग्रवाल, शिखा अग्रवाल, चुलबुल, मुन्ना प्रजापति, अनु कुमावत, नटवर अरोड़ा, सुनील सिंहल सहित बड़ी संख्या में रसिक भक्त शामिल हुए। गुरुवार को माखन चोरी लीला व महारास का आयोजन होगा।

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