बुधवार से होगा अन्तर्राष्ट्रीय पुष्कर मेले का श्रीगणेश

पुष्कर। विश्व विख्यात तीर्थ नगरी पुष्कर में अन्तर्राष्ट्रीय पुष्कर मेला 21 नवम्बर से शुरू होने जा रहा है। मेले में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों के मनोरंजन के लिए अजमेर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने इस साल कई खास आयोजन किये हैं। मेले से जुड़े सभी विभागों ने अपनी अपनी तरफ  से तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मेले में पहली बार विदेशी सैलानियों को प्रदेश के साथ-साथ आस-पास के प्रदेशों के प्रसिद्ध व्यंजन का स्वाद चखाने के लिए फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। इसमें पुष्कर के मालपुए होंगे तो अजमेर का सोहन हलवा और ब्यावर की तिलपट्टी भी होगी। जोधपुर की प्याज की कचौरी, मिर्ची बड़े, नसीराबाद के कचौड़े के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों की प्रसिद्ध मिठाई और अन्य प्रदेशों के व्यंजन का स्वाद भी चखने को मिलेगा।
मेले में इस बार पद्मश्री गीता चंद्रन शास्त्रीय नृत्य और संगीतकार रविन्द्र जैन भजनों की सरिता बहाएंगे। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक घनश्याम गंगवाल ने बताया कि इस बार पुष्कर मेला विकास समिति, पर्यटन विभाग और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से जो मेला कार्यक्रम आयोजित किया है। उसमें कई रंगारंग और लोक संस्कृति की छटा बिखेरते कार्यक्रमों के साथ विदेशी महिलाओं की भारतीय दुल्हन प्रतियोगिता नये अन्दाज में होगी।
मेले में पशुओं की मंडी सज कर तैयार है। देशभर से विभिन्न प्रजातियों के पशु मेले में पहुंच रहे हैं। इन सबके बीच पंजाब का मारवाड़ी नस्ल का 8 वर्षीय माणक अपने मालिक परमगील और राइडर मनोज के साथ पंजाब से पुष्कर तक 615 किमी का सफर 12 दिन में तय करके पहुंचा है।  माणक ने हर रोज 6 घंटे में 52 किमी का सफर पूरा किया। माणक के साथ 15 सदस्यीय दल भी पुष्कर पहुंचा है। परमगील ने बताया कि उनका मसकद घोडे को बेचना नहीं, सिर्फ  उसका प्रदर्शन करना है।

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