शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 5 बजे तक होगा मतदान

जिले में 1966 मतदान केन्द्र, 18 लाख 59 हजार 799 मतदाता
जिले में 21 हजार 912 दिव्यांग मतदाता, मिलेगी पूरी सुविधाएं
भयमुक्त एवं निष्पक्ष मतदान प्रशासन की प्राथमिकता, चप्पे -चप्पे पर रहेगी नजर
मतदान केन्द्र के 200 मीटर का क्षेत्र रहेगा प्रचार मुक्त
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही
मतदान दल रवाना, अन्तिम प्रशिक्षण के बाद सौंपी गई ईवीएम व वीवीपेट मशीन

अजमेर, 06 दिसम्बर। अजमेर जिले की 8 विधानसभा सीटों पर मतदान प्रक्रिया कल प्रातः 8 से शाम 5 बजे तक सम्पन्न करायी जाएगी। अजमेर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में अन्तिम प्रशिक्षण के पश्चात जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों में 1966 मतदान केन्द्रों के लिए मतदान दलों को रवाना किया गया। शुक्रवार को होने वाले मतदान में जिले के 18 लाख 59 हजार 799 मतदाता मतदान करेंगे। विभाग ने जिले के 21 हजार 912 दिव्यांग मतदाताओं को निर्बाध मतदान कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है।
जिला निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा की अगुवाई में आज 1966 मतदान दलों को राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में अन्तिम प्रशिक्षण के पश्चात मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में भयमुक्त, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की निगरानी में सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। निर्वाचन विभाग किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने में सक्षम है। एरिया मजिस्ट्रेट, सैक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो पर्यवेक्षक, सुरक्षा एवं पुलिस बल तथा मतदान दल पूरी तरह मुस्तैद रहकर मतदान सम्पन्न करवाएंगे।

आदर्श आचार संहिता की होगी सख्ती से पालना
जिला निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा ने चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने तक पूरे जिले में आदर्श आचार संहिता एवं चुनावी निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। मतदान केन्द्र के 200 मीटर का परिधि क्षेत्र प्रचार की दृष्टि से पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यहां कोई भी राजनैतिक दल का कार्यकर्ता या अन्य व्यक्ति किसी प्रत्याशी के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं कर सकेगा। निर्देशों के पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। यह निर्देश भी जारी किए गए है।
– असामाजिक तत्वों, चुनाव में गड़बड़ी करने वालों, शराब की अवैध बिक्री और वितरण पर निर्वाचन विभाग की पैनी नजर है। जिले में सूखा दिवस लागू है। शराब की बिक्री, अवैध परिवहन, संग्रहण तथा वितरण के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी।
– अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों में विभाग की सख्त निगरानी है। कहीं भी कोई भी नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
– 7 दिसम्बर को पूरे जिले के प्रत्येक बूथ पर शान्तिप्रिय, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में चुनाव करवाए जाएंगे।
– मतदान केन्द्र, उसके 200 मीटर के परिधि क्षेत्र में किसी भी तरह के प्रचार को रोकने के लिए सख्ती के साथ कदम उठाएं जाएंगें। मतदान केन्द्र पर बार-बार दिखायी देने वाले तत्वों पर नजर रखी जाएगी और संदिग्ध पाए जाने पर कार्यवाही होगी। इस क्षेत्र में मोबाईल फोन या वायरलैस फोन का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।
– मतदान केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में आने वाले किसी भी मकान या दुकान पर किसी भी दल का झण्डा, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री नहीं लगायी जा सकेगी। परिधि के बाहर राजनैतिक दलों की टेबल पर सिर्फ 2 लोगों की बैठने की व्यवस्था तथा तीन गुणा ड़ेढ़ फीट साइज का बैनर के अलावा कोई अन्य प्रचार सामग्री नहीं होगी।
– मतदान केन्द्र पर बैठने वाले राजनैतिक दलों के एजेण्ट के पास मोबाइल नहीं होना चाहिए। ऎसे एजेण्ट बार-बार अन्दर बाहर भी नहीं जा सकेंगे। मतदान वाले दिन दोपहर 3 बजे के बाद जो भी एजेण्ट अन्दर है वहीं मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने तक केन्द्र में रहेगा। एजेण्ट उसी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
– मतदान वाले दिन सिर्फ प्रत्याशी, उसके अभिकर्ता एवं एक अन्य वाहन को अनुमति दी गई है। यानि किसी भी प्रत्याशी के तीन से अधिक वाहन दिखायी देने पर उसे जब्त किया जाएगा। इन वाहनों में 5 से अधिक व्यक्ति नहीं बैठ सकते। यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि बिना अनुमति वाला कोई वाहन अगर बार -बार मतदाताओं को लाने ले जाने का काम कर रहा है तो उसे रोक कर जब्त किया जाएगा। उस वाहन से संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
– मतदान केन्द्र पर सिर्फ संबंधित केन्द्र के मतदाताओं को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी। यदि कोई व्यक्ति मतदान केन्द्र पर अनाधिकृत प्रवेश करता है तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
– मतदान केन्द्र के अन्दर मीडिया कर्मियों को भी कवरेज की अनुमति नहीं है।
– 6 एवं 7 दिसम्बर को बल्क एस.एम.एस. और वॉयस कॉल से भी प्रचार नहीं किया जा सकेगा।

मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र के अलावा वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र के साथ कुछ अन्य वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों को भी मान्यता दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा ने बताया कि मतदान के लिए मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाता को मतदान से पहले अपनी पहचान स्थापित करने के लिए सामान्यतः निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाने की बाध्यता होती है। यदि मतदाता किसी कारणवश यह पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो उसे वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता को अपनी पहचान के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी फोटो मतदाता पर्ची, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड दिखाने होंगे।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा पंजीकृत मतदाताओं को घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता पर्ची का वितरण किया गया है। इसके बावजूद यदि किसी मतदाता तक फोटोयुक्त पर्ची नहीं पहुंची हो तो वह जिला निवार्चन अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र में लेखनी तथा वर्तनी की अशुद्धि आदि को नजरअन्दाज किया जाएगा बशर्ते कि मतदाता की पहचान एपिक कार्ड से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कोई मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऎसे ईपीआईसी भी पहचान स्थापित करने के लिए स्वीकृत किए जाएंगे, बशर्ते कि निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदान स्थल से संबंधित मतदाता सूची में उपलब्ध होना चाहिए ।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि मतदाता सूची, फोटो पहचान पत्र, फोटो मतदाता पर्ची में मतदाता की फोटो मेल नहीं करती है तो मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता को निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त किसी एक वैकल्पिक फोटो दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा।

दिव्यांगों को मिलेगी मतदान की समस्त सुविधाएं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन विभाग के अनुसार समस्त मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगों को मतदान कराने के लिए समस्त सुविधाएं उपलब्घ करायी जाएगी। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने एवं ले जाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाहन को दिव्यांग रथ के रूप में तैयार किया जाएगा एवं वाहन पर दिव्यांग रथ के बैनर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्वीप टीम द्वारा आदर्श मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगों का माल्यार्पण कर स्वागत भी किया जाएगा। इसके लिए ऎसे राजकीय कर्मचरियों को जिनकी ड्यूटी मतदान कार्य में नहीं है नियुक्त किया जाएगा।

कहां कितने मतदान केन्द्र
किशनगढ़ – 269, पुष्कर 242, अजमेर उत्तर 200, अजमेर दक्षिण 181, नसीराबाद 233, ब्यावर 284, मसूदा 285, केकड़ी 272

कहां कितने मतदाता
किशनगढ़ 262569, पुष्कर 229809, अजमेर उत्तर 206073, अजमेर दक्षिण 202129, नसीराबाद 214441, ब्यावर 244199, मसूदा में 256778, केकड़ी में 243801 मतदाता है। इनके अतिरिक्त 3261 सर्विस मतदाता है। जिले में 9 लाख 45 हजार 299 पुरूष, 9 लाख 14 हजार 489 महिला तथा 11 ट्रांसजेंडर मतदाता है। जिले में 29 हजार 912 दिव्यांग मतदाता हैं।

मतदान दिवस पर रहेगा सार्वजनिक अवकाश
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2018 के कारण मतदान दिवस 7 दिसम्बर 2018 शुक्रवार को जिले में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

देर रात तक मतदान सामग्री जमा हुई तो 8 दिसम्बर को भी माना जाएगा चुनाव की ड्यूटी
अजमेर, 06 दिसम्बर। जिला निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा ने एक आदेश जारी कर चुनाव ड्यूटी के संबंध में निर्देश जारी किए है। उन्होंने बताया कि कल 7 दिसम्बर को मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद मतदान दलों को मतदान सामग्री जमा करवाने में यदि देर रात्रि का समय लगता है तो 8 दिसम्बर को भी निर्वाचन ड्यूटी माना जाएगा। ऎसे कार्मिकों को 8 दिसम्बर को अपने पदस्थापन स्थान पर उपस्थिति देना अनिवार्य नहीं है।

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