खुशी वैष्णव को मिला स्वर्ण पदक, राजस्थान में रही अव्वल

अखिल भारतीय निबन्ध लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
चन्द्र प्रकाश और अशिता ने भी पाया प्रथम दस में स्थान

अजमेर, 14 जनवरी। संयुक्त राष्ट्र संघ एवं श्री रामचन्द्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय निबन्ध लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह सोमवार को सूचना केन्द्र में आयोजित हुआ। इसमें राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक विजेता खुशी वैष्णव सहित दस सर्वश्रेष्ठ निबन्धों में स्थान पाने वाले चन्द्र प्रकाश एवं अशिता मालोडिया को भी सम्मानित किया गया।

अशिता
चन्द्र प्रकाश
संस्थान के अजमेर केन्द्र समन्वयक श्री शैलेष गोड़ ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ सूचना केन्द्र भारत एवं भूटान तथा श्री रामचन्द्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान के द्वारा अखिल भारतीय निबन्ध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन 2018 में किया गया था। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट लेखन करने वालों को समारोह में सम्मानित किया गया। यह प्रतियोगिता दो गू्रपों में होती है। प्रथम श्रेणी कक्षा 9 से 12 तक तथा दूसरी श्रेणी महाविद्यालयी विद्यार्थियों के लिए होती है। इस शैक्षणिक सत्र के विषय दिल के विवेक पर आधारित रहे। प्रथम श्रेणी के लिए चाल्र्स बी डिंकन के कथन एक विवेक दिमाग का होता है और एक विवेक दिल का होता है एवं द्वितीय श्रेणी के लिए रविन्द्र नाथ टैगोर के कथन सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसे चाकू की तरह है जिसमें सिर्फ धार है, वह प्रयोगकर्ता के हाथ रक्तमय कर देता है रखे गये थे। इन विषयों पर समस्त भारत के विद्यार्थियों ने अपने विचार हिन्दी, अग्रेंजी अथवा स्थानीय भाषा में लिखे थे।
उन्होंने बताया कि इस निबन्ध लेखन प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपसी भाईचारा, मानवीय सद्गुणों, नैतिक मूल्यों तथा आध्यात्मिकता में वृद्धि करना है। देश के लगभग 14 हजार 500 शैक्षणिक संस्थाओं के लगभग 2 लाख विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। अजमेर के 29 संस्थानों के लगभग 450 विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रतियोगिता में लिखे। इस बार अजमेर के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान की खुशी वैष्णव के अंग्रेजी निबन्ध ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके साथ ही राज्य में 9वां स्थान इसी संस्थान के चन्द्र प्रकाश गोयल ने हिन्दी भाषा में निबन्ध लिखकर प्राप्त किया। माखुपुरा के राजकीय महिला अभियात्रिंकी महाविद्यालय की अशिता मालोडिया ने अंग्रेजी में निबन्ध लिखकर 10वां स्थान प्राप्त किया। अजमेर को इन पर गर्व है। समारोह में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री राधेश्याम शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री तेजपाल उपाध्याय तथा श्री श्याम लाल सांगावत एवं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती दर्शना शर्मा एवं श्री चन्द्र शेखर ने पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले समस्त विद्यार्थियों को ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री राधेश्याम शर्मा ने समारोह में कहा कि अध्ययन के साथ -साथ आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक है। आध्यात्मिकता हमारी संस्कृति की पहचान है। इसे अक्षुण रखना हम सबका दायित्व है। निबंध प्रतियोगिता में राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त करना अजमेर के लिए गर्व का विषय है। शैक्षिणक विकास के साथ -साथ गुणवत्ता युक्त जीवन निर्मित होकर सच्चा मानव बनाने में आध्यात्मिकता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हार्टफुलनेस स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम के समन्वयक श्री गिरीश गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों के संवर्धन के लिए हार्टफुलनेस एजूकेशन ट्रस्ट के द्वारा स्कूल कनेक्ट कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें विद्यालयों की प्रत्येक कक्षा के लिए सामान्य सेलेबस के साथ आध्यात्मिक जीवन दर्शन विकसित करने के लिए अतिरिक्त पुस्तक का अध्ययन करवाया जाता है। कोई भी विद्यालय इसका सहभागी बन सकता है। इसके अन्तर्गत मानवीय मूल्य विकसित करने के लिए प्रायोगिक ज्ञा प्रदान किया जाता है। प्रत्येक कक्षा के लिए एक कार्यक्रम निर्धारित है। इसके अन्तर्गत स्वयं सेवक विद्यालय में आकर प्रति सप्ताह स्थानीय शिक्षक के सहयोग से एक कालांश लेते है।
खुशी वैष्णव, चन्द्र प्रकाश एवं अशिता मालोडिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। चन्द्र प्रकाश ने कहा कि अगला विश्व युद्ध शस्त्रों से नहीं शास्त्रों से लड़ा जाना चाहिए। इसमें भारत विश्व गुरू बनकर उभरेगा।
इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के एसोशिएट प्रोफसर डाॅ. विकास सक्सेना, प्र्र्रशिक्षक श्री भगवान सहाय शर्मा, श्रीमती अमिन्दर कौर मैक, योग प्रशिक्षक श्री नितेन्द्र उपाध्याय, श्री अंकुर तिलक गहलोत सहित समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

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