म.द.स. विश्वविद्यालय में मनाई महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती

अजमेर। 1 मार्च। म.द.स. विश्वविद्यालय के महर्षि दयानन्द शोधपीठ के तत्वाधान में आज महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती मनाई गई। इस अवसर पर शोधपीठ के निदेशक प्रो. प्रवीण माथुर ने महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने महर्षि द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और आज समाज में उनकी प्रासंगिकता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय शिक्षा प्राप्ति के तो बहुत अधिक साधन हो गए हैं परन्तु मौलिक व नैतिक शिक्षा का अभाव है जिसे हम संस्कार की शिक्षा कहते हैं। मानव समाज के लिए यदि वैज्ञानिक शिक्षा जरूरी है तो उससे भी कहीं ज्यादा जरूरत है छात्रों को नैतिक शिक्षा देने की। नैतिक शिक्षा के अभाव में छात्रों का सर्वांगीण विकास असंभव है। अतः समाज को सही दिशा देने के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी है और यह ऋषि द्वारा बताए वेदों में सम्पूर्ण है। अतः छात्रों को शैक्षिक ज्ञान के साथ वैदिक ज्ञान भी जरूरी है ताकि वो पथ भ्रष्ट ना हों और देश के लिए एक सम्पूर्ण नागरिक साबित हो सके।
इसी कार्यक्रम में महर्षि दयानन्द के सम्पूर्ण जीवन पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई व उनके जीवन पर आधारित एक प्रश्नोŸारी भी करवाई गई। प्रश्नोŸारी कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय व तृतीय क्रमशः दिनेश चौधरी, गगनदीप व हीना रहे।
कार्यक्रम में डॉ. आर.के. जैन, राजेश गर्ग, डॉ. अमर सिंह, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. संगीता पाटन, सुष्मिता, नेहा, स्मिता, सुचिता व प्रतिमा मौजूद थे। अंत में डॉ. अश्विनी कुमार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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