जांच कमेटी पहुंची केकड़ी-रिकॉर्ड लिया कब्जे में

प्रतिपक्ष नेता आसिफ़ हुसैन ने चिकित्सा मंत्री डॉ शर्मा को की थी शिकायत, डॉ शर्मा के निर्देश पर डीएलबी निदेशक ने दिए थे जांच के आदेश।
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केकड़ी 10 अप्रैल।
राज्य के स्वायत्त शासन विभाग द्वारा गठित एक और जांच दल केकड़ी नगर पालिका पहुंचा। जांच दल में शामिल रविन्द्र कुमार शर्मा उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग अजमेर व ओम प्रकाश बैरवा मुख्य लेखा अधिकारी नगर निगम अजमेर व श्याम सुंदर राठी सहायक लेखा अधिकारी प्रथम, कार्यालय उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग अजमेर ने केकड़ी नगरपालिका पहुंचकर तेजा मेले में पालिका द्वारा किये गए खर्चे की जांच शुरू की। जांच दल के अधिकारियों ने पालिका के अधिशाषी अधिकारी व प्रतिपक्ष नेता एडवोकेट आसिफ हुसैन से बातचीत की व सम्बंधित बिल, आवश्यक दस्तावेज एकत्रित कर अपने कब्जे में लिए। गौरतलब है कि पालिका के प्रतिपक्ष नेता एडवोकेट आसिफ हुसैन ने गत सितंबर माह में पालिका द्वारा आयोजित तेजा मेले में नियमों के विपरीत स्वीकृत बजट से डेढ़ गुना अधिक फिजूल खर्च करने का आरोप लगाते हुए राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा को शिकायत की थी साथ ही उन्होंने सम्बंधित बिल व दस्तावेज की प्रतिलिपि भी बतौर सबूत पेश किये थे। पालिका के नेता प्रतिपक्ष की शिकायत पर चिकित्सा मंत्री डॉ शर्मा ने डीएलबी के निदेशक को मामले की जांच के निर्देश दिए। जिस पर विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने तीन अधिकारियों की एक कमेटी गठित की। निदेशक पवन अरोड़ा ने जांच कमेटी को मामले की जांच कर उनके समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। प्रतिपक्ष नेता एडवोकेट हुसैन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मेले में फिजूलखर्ची की है। उन्होंने बताया कि पालिका द्वारा मेले में स्वीकृत बजट से अधिक 22 लाख 97 हजार 161 रुपये खर्च किये हैं जबकि बोर्ड की बैठक में बहुमत के आधार पर 15 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था। हुसैन ने यह भी जानकारी दी है कि विगत 13 सालों का औसत सालाना मेला खर्च निकाला जाए तो वह करीब 5 लाख रुपये आता है, जबकि 2018 विधानसभा चुनाव होने व पालिकाध्यक्ष की भी दावेदारी होने के कारण पालिकाध्यक्ष ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रचार प्रसार के लिए बैनर लगवाये तथा क्षेत्र की 51 ही पंचायतों से भाजपा पदाधिकारियों को बुलाकर उपकृत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष द्वारा अपनी पत्नी का जन्मोत्सव भी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरेआम मनाया गया तथा जन्मदिन का खर्चा भी जनता के माथे मढ़ दिया गया। वहीं उन्होंने बताया कि मेले में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को महंगे उपहारों से उपकृत किया गया। आसिफ हुसैन ने आरोप लगाया है कि मेले में कई बिल फर्जी लगाकर उसका भुगतान उठा लिया गया। उन्होंने बताया कि फर्जी बिल बनाने वाले और कोई नहीं नगरपालिका का ठेकेदार है। उन्होंने बताया कि पालिका के ठेकेदार मैसर्स आर.के.कंस्ट्रक्शन द्वारा 1 लाख 40 हजार 784 रुपये का बिल मोमेंटो व 76 हजार 100 रुपये का बिल साफा, पगड़ी व शॉल आदि का बिल अपनी फर्म के नाम से प्रस्तुत कर भुगतान उठाया गया है। जबकि मैसर्स आर.के.कन्स्ट्रक्शन पालिका के सिविल निर्माण कार्यों के लिए अधिकृत फर्म है। यह फर्म न तो मोमेंटो बेचने का काम करती है और न ही साफे, पगड़ी व शॉल आदि बेचती है। कुल मिलाकर फर्म द्वारा फर्जी बिल प्रस्तुत किये गए हैं जबकि माल कहीं और से खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि जांच में और कई बिलों के फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। प्रतिपक्ष नेता ने अपनी शिकायत में और भी फर्जी बिलों का जिक्र किया है।

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