खसरा रूबेला अभियान के लिए विद्यालय स्तर पर बनेंगे ब्रांड एम्बेसेडर

अजमेर, 02 जुलाई। जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा ने जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों एवं विकास अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करें तथा शत प्रतिशत किसानों का पंजीकरण करें। सरकार ने दायरे में विस्तार किया है, जिससे अब समस्त भूमिधारक कृषकों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
जिला कलक्टर मंगलवार को वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति एवं खसरा रूबेला अभियान की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में शिविर लगाकर किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीयन करें। सरकार ने दायरे में विस्तार किया है, जिससे अब समस्त भूमिधारक कृषकों को योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस योजना के तहत लघु एवं सीमान्त कृषक परिवारों को आय सहायता दी जानी थी। जिसमें पात्र कृषकों के बैंक खातों में सीधे ही 6 हजार रूपए प्रति वर्ष तीन किश्तों में हस्तांतरित किया जाना था। लेकिन अब लघु एवं सीमान्त कृषकों की सीमा को हटाते हुए समस्त भूमिधारक कृषकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किए जाने की सुनिश्चितता करें ताकि पात्र कृषक योजनान्तर्गत लाभान्वित हो सकें।

जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि योजना का प्रचार प्रसार के लिए उपखण्ड स्तर से भी समाचार पत्रों में जानकारी प्रकाशित करवायी जाए। एक सप्ताह में समस्त बकाया पंजीयन कार्य सम्पादित करें। ब्लॉक स्तर तक के समस्त पजनप्रतिनिधियों को शिविरों का स्थान एवं तिथि की जानकारी दी जाए। इसके लिए समस्त प्रधानों, सरपंचों, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं वार्डपंचों को पत्र लिखकर अभियान में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
जिला कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ई मित्र केन्द्र उपलब्ध है। जहां कैम्प लगाकर इनका पंजीयन कराया जा सकेगा। उन्होंने इस कार्य में गति लाने के निर्देश देते हुए हिदायत दी कि इस कार्य में शिथिलता किसी भी स्तर पर सहन नहीं की जाएगी।

उच्च आर्थिक स्थिति वाले कृषक योजना में देय लाभ के पात्र नहीं होंगेे
जिला कलक्टर ने बताया कि उच्च आर्थिक स्थिति में वर्गीकृत होने वाले योजनान्तर्गत देय लाभ के लिए पात्र नहीं माने गए है। जिनमें समस्त संस्थागत भूमिधारक तथा कृषक परिवारों में एक या एक से अधिक सदस्य जो वर्तमान में पूर्व में संवैधानिक पद धारितकर्ता हैं, वर्तमान व पूर्व मंत्री/ राज्यमंत्री एवं वर्तमान व पूर्व लोकसभा / राज्य सभा/ विधानसभा / विधान परिषद सदस्य, वर्तमान व पूर्व महापौर, नगर निगम, वर्तमान व पूर्व जिला प्रमुख, जिला परिषद, केन्द्र व राज्य सरकार के समस्त वेतनभोगी व पेंशनधारक, सेवारत एवं सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारी, केन्द्रीय व राज्य स्वायतशासी संस्था एवं सार्वजनिक उपक्रम के पदाधिकारी / कार्मिक एवं पेंशनर, पंचायतराज संस्था के कार्मिक तथा उन से संबंधित स्वायतशासी संस्थाएं केन्द्र व राज्य सरकार के अधीन आती हो साथ ही साथ स्थानीय निकाय के नियमित कार्मिक, (मल्टी टास्क, स्टॉफ / चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी / ग्रुप डी कर्मचारी को छोड़कर), सेवानिवृत पेंशनभोगी पेंशनर जिनकी मासिक पेंशन रूपए 10 हजार या उससे अधिक हो (मल्टी टास्क स्टॉफ / चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी / ग्रुप डी कर्मचारी को छोड़कर), ऎसे समस्त कृषक जिनके द्वारा गत आयकर मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान किया गया हो, ऎसे पेशेवर जो पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत होते है और अभ्यास करते है जैसे डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड अंकाउंटेंट और आर्किटेक्ट इत्यादि को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

खसरा रूबेला अभियान में जन जागरूकता जरूरी
जिला कलक्टर ने कहा कि आगामी 22 जुलाई से आरम्भ हो रहे इस अभियान का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए तथा अभिभावकों को इस अभियान के प्रति जागरूक कर नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण शत प्रतिशत किया जाना सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग का इस कार्य में महती भूमिका है। वे प्रत्येक विद्यालय में छात्र एवं छात्राओं में से एक -एक ब्रांड एम्बेसेडर बनाकर अभियान को गति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के बालकों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
जिला कलक्टर ने बताया कि खसरा एक जानलेवा एवं तीव्रगति से फैलने वाला अतिसंक्रामक रोग है। यह रोग प्रभावित रोगी द्वारा खांसने एवं छींकने से स्वस्थ बच्चों में फैलता है जिसके प्रभाव से बच्चें में निमोनिया, दस्त एवं मस्तिष्क से संक्रमण जैसी घातक बीमारियां उत्पन्न हो जाती है तथा ये बीमारियां नवजात शिशुओं एवं बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण है। इसी कारण प्रतिवर्ष 50 हजार बच्चे मृत्यु को प्राप्त हो जाते है।
इसी प्रकार रूबेला वायरस से गर्भावस्था के प्रारम्भ में महिला के संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है, जिससे गर्भपात एवं बच्चे के मृत जन्म की संभावना बढ़ जाती है। यदि बच्चा जीवित जन्म लेता है तो वह जन्म से ही बहरापन, अंधापन एवं हृदय की बीमारियों से ग्रसित होता है। यह विचारणीय है कि प्रतिवर्ष जन्मजात रूबेला सिंड्रॉम से लगभग 48 हजार बच्चे प्रभावित होते है। उन्होंने बताया कि इन दोनो रोगों से बचाव का एक सशक्त माध्यम खसरा-रूबेला टीका है। यदि इसका टीकाकरण बचपन में ही करवा लिया जाए तो इसके प्रसार एवं गम्भीर खतरों को रोका जा सकता है।
जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए 5 जुलाई को समस्त निजी विद्यालयों के प्राचार्यो ंकी कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। आंगनबाडी एवं उससे बाहर के बच्चों का सर्वें भी कराया जा रहा है। इसी प्रकार स्कूल में जाने वाले बालकों तथा नहीं जाने वाले बालकों का भी सर्वे करवाया जा रहा है। उन्हें भी विद्यालयों / आंगनबाडी केन्द्रों तक लाया जाना सुनिश्चित करें ताकि उनका भी टीकाकरण किया जा सके। एक दिन में एक विद्यालय के समस्त बालकों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए गठित एक टीम द्वारा 200 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। अधिक बच्चे होने पर पृथक टीम काम करेगी। अभियान की जानकारी के लिए विद्यालयों में अभिभावकों की बैठकों का आयोजन किया जाए तथा उन्हें जागरूक किया जाए। पूर्व में जिन बच्चों का टीकाकरण हो रखा है उनका भी टीकाकरण किया जाएगा।
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आनन्दी लाल वैष्णव, श्री कैलाश चंद लखारा सहित चिकित्सा, सहकारिता एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक 12 को
अजमेर, 02 जुलाई। जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा की अध्यक्षता में आगामी 12 जुलाई शुक्रवार को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी। पर्यटन उप निदेशक श्री संजय जौहरी ने यह जानकारी दी।

जवाजा में 40 मिली मीटर वर्षा दर्ज
अजमेर, 02 जुलाई। जिले में मंगलवार प्रातः समाप्त हुए गत् 24 घण्टों में सर्वाधिक वर्षा जवाजा में 40 मिली मीटर दर्ज की गई। जबकि रूपनगढ़ में 28, श्रीनगर में 20, गोयला में 15, ब्यावर में 17, नसीराबाद में 10, अजमेर में 12, मांगलियावास में 8, अरांई में 10, सरवाड़ में 8 तथा केकड़ी में 7 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिले में एक जून से अब तक 35.63 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज हुई है।

स्वाधीनता दिवस समारोह 2019
राज्य स्तरीय सम्मान के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित
अजमेर, 02 जुलाई। आगामी स्वाधीनता दिवस समारोह 2019 के राज्य स्तरीय सम्मान के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए है। आवेदन पत्र मंत्री मण्डल सचिवालय में पहुंचने की अन्तिम तिथि 25 जुलाई तय की गई है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री कैलाश चंद लखारा ने बताया कि स्वाधीनता दिवस समारोह 2019 के लिए जिला कलक्टरों, राज्य सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सहकारी संस्थाओं/ नगर पालिकाओं/ परिषदों/ निगमों/ मण्डलों/ बोर्ड/ जिला परिषद के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राज्य स्तर पर योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रस्ताव 8 प्रतियों में स्वीकृत किए जाएंगे। प्रस्ताव जिला कलक्टर के माध्यम से संबंधित मंत्री का अनुमोदन प्राप्त कर निर्धारित प्रपत्र में 25 जुलाई तक मंत्रीमण्डल सचिवालय को भिजवाने होंगे। पूर्व में जिन्हें योग्यता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। उनके प्रस्ताव नहीं भेजे जा सकेंगे। राजपत्रित अधिकारियों तथा अराजपत्रित कर्मचारियों के अलग-अलग प्रस्ताव भिजवाएं जाएंगे। एक सहकारी संस्था / नगर पालिका/ निगम / मण्डल/ बोर्ड/ जिला परिषद से अधिकतम एक ही अधिकारी या कर्मचारी का प्रस्ताव भिजवाया जा सकता है। प्रस्ताव के साथ उल्लेखनीय सेवा कार्य का संक्षिप्त विवरण जो लगभग एक पृष्ठ से अधिक नहीं हो, हिन्दी भाषा में 8 प्रतियों में स्वच्छ टंकित कर भिजवाना होगा।

मदद मिली तो आई खुशहाली
अजमेर, 02 जुलाई। काबरिया गांव के रहने वाले किसान बद्रीलाल जाट को गांव में अपनी भूमि पर खेती करने में रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती थी। वह किराए पर कृषि यंत्र लाकर या दूसरे किसानों से उधार मांगकर अपना काम चलाता था लेकिन एनएफएसएम योजना में मदद मिलने के बाद अब बद्री को किसी की तरफ हाथ नहीं फैलाना पड़ता। उसके खेत भी अब अच्छी फसल देने लगे हैं।
कृषि उप निदेशक श्री वी.के.शर्मा ने बताया कि गांव काबरिया पोस्ट देवगांव के रहने वाले किसान बद्रीलाल पुत्र मूलचंद जाट को एनएफएसएम योजना के तहत रोटावेटर खरीदने के लिए अनुदान दिया गया है। रोटावेटर करीब एक लाख 5 हजार रूपए का आता है। विभाग ने किसान को 35 हजार रूपए का अनुदान दिया है। अब किसान द्वारा रोटवेटर से खेत में हेरो, कल्टीवेटर, कुली आदि का कार्य एक ही यंत्र के द्वारा किया जा रहा है। जिससे समय एवं इर्ंधन में बचत हो रही है एवं साथ ही बेकार से बेकार पड़त खेतों को भी एक ही समय में भूमि उपयोग हेतु तैयार कर दिया जाता है। इससे भूमि सूधार के साथ साथ उत्पादन में वृद्धि हो रही है।

रीपर मिला तो चेहरे पर आई मुस्कान
अजमेर, 02 जुलाई। मसूदा क्षेत्र में नीमगढ़ के रहने वाले किसान संजय खान मस्ताना कई सालों से परेशान थे। मजदूरों की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसल काटने में दिक्कत आती थी। ऎसे में एनएफएसएम दलहन योजना किसान के लिए वरदान बनकर सामने आई।
कृषि उप निदेशक श्री वी.के.शर्मा ने बताया कि आज के जमाने में श्रमिक मिलना कठिन हो चुका है जिसके कारण खेतों में खड़ी फसल काटने के लिए काफी समय व धन अधिक लगता है लेकिन रीपर के द्वारा कटाई का कार्य एक घंटे में औसतन ढाई से तीन बीघा खड़ी फसल की कटाई समान रूप से हो जाती है तथा ट्रेक्टर में डीजल का खर्च भी कम होता है तथा रीपर का मेन्टेनेन्स नही के बराबर आता है।
उन्होंने बताया कि कई बार खेतों की नमी जल्दी समाप्त होने लगती है तो रीपर द्वारा तुरन्त कटाई करके फसल हेतु खेत शीघ्र तैयार कर लिए जाते है जबकि मजदूरों द्वारा खेत की कटाई में अधिक समय लगता है व खेताें में नमी जल्दी समाप्त हो जाती है।अतः किसानो ंके लिए रीपर वरदान साबित हुआ है ये सरकार की लाभकारी योजना है इससे किसान वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा आय में वृद्धि हुई है। मस्ताना को 60 हजार रूपए रीपर में 30 हजार रूपए का अनुदान दिया गया है।

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