आज दिनांक 03 जनवरी – अखिल भारतीय महात्मा ज्योतिबा फूले समता परिषद् के तत्वाधान में सावित्री बाई फुले की 189वीं जयंति महात्मा ज्योतिबा फुले स्मारक पर बनाई गई।
संस्था अध्यक्ष पूनमचन्द मारोठिया ने बताया कि माता सावित्री बाई फुले भारत की प्रथम महिला षिक्षिका व समाज सेविका थी उन्होने महिला षिक्षिका को प्राथमिकता दी व फुले दम्पत्ति षिक्षा के क्षेत्र में एक क्रान्ति लेकर आये। उन्होने अन्याय व क्रुतियों के खिलाफ आवाज उठाई जैसे बाल विवाह, छुआछुत, सती प्रथा व पर्दा प्रथा, जिस प्रकार उन्होने उस समय 18वीं सदी में महिला षिक्षिका, छुआछुत व सती प्रथा के लिए लड़ाई लड़ी आज भी उन्हें सम्पूर्ण भारत में याद किया जाता है और दूरदर्षन पर उनका धारावाहिक क्रान्ति में ज्योति सावित्री बाई फुले दर्षाया जाता है और स्कूल व कॉलेज में इनके बारे में बच्चो को पढ़ाया जाता है।
पूनम चन्द मारोठिया ने बताया कि समस्त माली सैनी समाज की सरकार से मांग है कि फुले दम्पत्ति को भारत रत्न से सम्मानित किया जाये और दिनांक 11 अप्रैल महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंति पर अवकाष घोषित किया जाये।
इस मौके पर अजमेर सांसर भागीरथ चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भुपेष, महापौर धमेन्द्र गहलोत, विधायक अनिता भदेल, पूर्व विधायक गोपाल बाहेती, सबा खान, सुनीता चौहान, धमेन्द्र टांक, त्रिलोक चन्द इन्दौरा, मनीष मारोठिया, शारदा मालााकार, महेष चौहान, मुकेष महावर, नवीन कच्छावा, शैलेन्द्र महावर, षिव मालाकार, गणेष चौहान, महेन्द्र जादम, सीता भाटी, मामराज सैन व समस्त माली सैनी समाज मौजूद रहे।
(पूनमचन्द मारोठिया)
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